‘राम राम हैं, एक्शन हीरो नहीं...’, रणबीर कपूर की 'रामायण' पर 'शक्तिमान' फेम मुकेश खन्ना ने उठाए सवाल
Mukesh Khanna Controversy: कुछ लोगों को रणबीर कपूर का श्रीराम के रूप में लुक पसंद आया है, तो कुछ लोगों ने उनके चयन और किरदार के चित्रण पर सवाल भी उठाए हैं...इसी बीच अभिनेता मुकेश खन्ना ने भी फिल्म में श्रीराम के किरदार को लेकर अपनी राय रखी है.
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Mukesh Khanna Controversy: बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म ‘Ramayan Part 1’ को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है.. फिल्म में रणबीर कपूर 'भगवान श्रीराम' की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि फिल्म से जुड़े कई प्रोमोशनल वीडियो और ट्रेलर पहले ही सामने आ चुके हैं.. ट्रेलर को दर्शकों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है. कुछ लोगों को रणबीर कपूर का श्रीराम के रूप में लुक पसंद आया है, तो कुछ लोगों ने उनके और किरदार के कैरेक्टर पर सवाल भी उठाए हैं...इसी बीच अभिनेता मुकेश खन्ना ने भी फिल्म में श्रीराम के किरदार को लेकर अपनी राय रखी है.
श्रीराम को सिर्फ एक्शन हीरो की तरह दिखाने पर आपत्ति
बॉलीवुड नाउ के यूट्यूब चैनल से बातचीत में मुकेश खन्ना ने बताया कि ‘रामायण’ का ट्रेलर देखने के बाद उन्हें सबसे ज्यादा किस बात ने परेशान किया. उन्होंने खास तौर पर भगवान श्रीराम के चित्रण और फिल्म में दिखाए गए एक्शन सीक्वेंस पर अपनी बात रखी. उनका कहना है कि श्रीराम को केवल एक शक्तिशाली योद्धा या एक्शन हीरो के रूप में दिखाना सही नहीं लगता.. उनके मुताबिक श्रीराम की पहचान सिर्फ उनकी वीरता से नहीं, बल्कि उनके धैर्य, विनम्रता, मर्यादा और धर्म के प्रति समर्पण से भी जुड़ी है.
मुकेश खन्ना ने कहा कि श्रीराम भगवान विष्णु के अवतार और एक दिव्य व्यक्तित्व हैं, लेकिन ट्रेलर में उन्हें जिस तरह एक्शन करते हुए दिखाया गया है, उससे वह पूरी तरह सहमत नहीं हैं. उन्होंने खास तौर पर उस सीन का जिक्र किया जिसमें श्रीराम पेड़ पर चढ़कर तीर चलाते नजर आते हैं. मुकेश खन्ना का कहना है कि उन्होंने रामायण में श्रीराम को इस तरह लड़ते हुए नहीं देखा है.
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‘राम राम हैं, उन्हें एक्शन हीरो मत बनाइए’
मुकेश खन्ना ने अपनी बात रखते हुए कहा कि श्रीराम की छवि को दूसरे बड़े बॉलीवुड सितारों के एक्शन अंदाज से जोड़ना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा, “आपने उनको सलमान खान, अमिताभ बच्चन और रजनीकांत बना दिया है. नहीं साहब, राम राम हैं. मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम.” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि श्रीराम के व्यक्तित्व में विनम्रता और धैर्य बेहद महत्वपूर्ण थे. समुद्र के सामने भी उनके हाथ जोड़कर रास्ता देने का आग्रह करने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम की यही मर्यादा उनकी असली पहचान है.
मुकेश खन्ना ने 'बॉलीवुड नाउ' से बातचीत कहा, ' श्री राम धनुर्धर थे'... भगवान का रूप हैं, अवतार हैं, कृष्ण भी भगवान के अवतार थे, पर जिस तरह के फाइट सीक्वेंस दिखाए हैं कि श्री राम पेड़ के ऊपर उठ के तीर नहीं मारते, कभी देखा नहीं. इतनी रामायण पढ़ी है, रामलीला देखी है, श्री राम को सलमान खान, अमिताभ बच्चन, बना दिया, रजनीकांत बना दिया.. राम मर्यादा पुरूषोत्तम हैं..मुस्कुराते थे, लेकिन वे बाण चलाने के लिए कभी पेड़ों पर नहीं चढ़ते थे. मैंने रामायण पढ़ी है, रामलीला देखी है, लेकिन ऐसा पहले कभी नहीं देखा..'
VFX से ज्यादा जरूरी है भावनाओं और आस्था का ध्यान
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मुकेश खन्ना ने फिल्म के VFX को लेकर भी अपनी राय रखी. उनका मानना है कि शानदार विजुअल इफेक्ट्स किसी फिल्म को बड़े स्तर पर पहुंचाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन ‘रामायण’ जैसी कहानी को भारतीय दर्शक सिर्फ एक विजुअल स्पेक्टेकल के तौर पर नहीं देखेंगे. इस कहानी से लोगों की आस्था और भावनाएं जुड़ी हुई हैं. इसलिए दर्शक यह भी देखेंगे कि फिल्म में भगवान श्रीराम के चरित्र और उनकी मर्यादा को किस तरह पेश किया गया है. अब फिल्म रिलीज होने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक नितेश तिवारी की इस भव्य ‘रामायण’ और रणबीर कपूर के श्रीराम के किरदार को किस तरह स्वीकार करते हैं.