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आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने पटाखे फोड़ने वालों को बताया 'राष्ट्र विरोधी', भड़क गए लोग, लगा दी क्लास

सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लोगों, खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को देखते हुए कहा कि जो लोग सोचते हैं कि इस दीपावली पर एक पटाखा फोड़ना भी ठीक है, वे 'जीवन विरोधी, स्वास्थ्य विरोधी और देश विरोधी' हैं.

Image Credits: sonirazdan/instagram
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दीपावली से पहले बढ़ते वायु प्रदूषण और बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले बुरे असर को लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने पटाखे फोड़ने की कड़ी आलोचना की. उन्होंने दीपावली पर पटाखे जलाने को 'देश विरोधी', 'जीवन विरोधी' और 'स्वास्थ्य विरोधी' बताया है.

 सोनी राजदान ने पटाखे फोड़ने वालों को बताया 'राष्ट्र विरोधी'

सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लोगों, खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को देखते हुए कहा कि जो लोग सोचते हैं कि इस दीपावली पर एक पटाखा फोड़ना भी ठीक है, वे 'जीवन विरोधी, स्वास्थ्य विरोधी और देश विरोधी' हैं. 

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'मैं बस यही कहूंगी कि यह मुझे एंटी-लाइफ, एंटी-हेल्थ लगता है और हां, राष्ट्र-विरोधी है'

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उन्होंने लिखा, "छोटे बच्चों के माता-पिता आपको बताएंगे कि वायु प्रदूषण की वजह से उनके बच्चे कितने परेशान हैं. बीमार होने की वजह से वे कितने स्कूल के दिन मिस करते हैं. तो अगर आप मुझसे कहते हैं कि ऐसे हालात में इस दीपावली पर एक भी पटाखा फोड़ना बिल्कुल ठीक है, तो मैं बस यही कहूंगी कि यह मुझे एंटी-लाइफ, एंटी-हेल्थ लगता है और हां, राष्ट्र-विरोधी है. सेहत एक चुनाव है, जो हम अपने लिए और अपने बच्चों के लिए करते हैं. चलिए सही को चुनते हैं.”

सोनी राजदान पर भड़के लोग 

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बता दें कि सोनी राजदान अपने इस बयान की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही हैं. एक यूजर ने लिखा, "सोनी राजदान रणबीर की सास हैं. विडंबना यह है कि रणबीर राम का किरदार निभा रहे हैं, जिनके अयोध्या लौटने की खुशी में दीपावली मनाई जाती है, जब लोग दीये जलाते हैं और पटाखे फोड़ते हैं. फिर भी, उनका कहना है कि दिवाली पर पटाखे फोड़ना जीवन के खिलाफ है, सेहत के लिए हानिकारक है और सबसे बड़ी बात, यह "राष्ट्र-विरोधी" है.सच में!"

वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा, "वह पूरी तरह बकवास कर रही है. बहुत लंबे समय तक इस्लाम में रहने की वजह से उसका दिमाग खराब हो गया है. नई दिल्ली में पूरे साल रहने वाली हवा की गुणवत्ता का पटाखों से कोई लेना-देना नहीं है. दिवाली की वजह से होने वाला अतिरिक्त प्रदूषण 1-3 दिनों में साफ हो जाता है. असली चिंता तो साल के बाकी दिनों में रहने वाला AQI है."

इसके अलावा एक और यूजर ने लिखा, "कृपया यहाँ से जाएँ और वापस UK चले जाएँ. वहाँ आपको ताज़ी हवा मिलेगी. भारत में हिंदुओं को उनके त्योहारों पर ही सारे उपदेश दिए जाते हैं, जबकि दूसरे मौकों पर हमें बताया जाता है कि अमुक त्योहार मानवता के लिए कितना अच्छा है. अगर आपको बोलना ही है, तो हर त्योहार और हर धर्म पर बोलें; किसी एक को चुनकर बात न करें."

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वहीं एक और यूजर ने लिखा, "प्रदूषण में पटाखों का योगदान 1% से भी कम है. आप शायद यह बात जानते होंगे, लेकिन हिंदू-विरोधी और व्यवस्था-विरोधी होने के नाते, आपके लिए 'पटाखे न जलाने' जैसी बकवास का समर्थन करना स्वाभाविक ही है.आम आदमी आप जैसे लोगों की चालबाज़ी को समझता है, और यही वजह है कि आपकी तरह के लोगों की बात कोई सुनना नहीं चाहता."

वहीं एक और यूजर ने लिखा, "सोनी, प्रदूषण का दोष एक आम हिंदू पर मढ़ देना, जो दिवाली पर पटाखे जलाकर त्योहार मनाना चाहता है, बहुत ही सतही विश्लेषण है. वह आम हिंदू सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करता है; उसके पास आपकी बेटी और दामाद की तरह पेट्रोल फूंकने वाली लग्जरी गाड़ियां नहीं हैं. ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में उसका योगदान आलिया और रणबीर के योगदान की तुलना में बहुत कम है, इसलिए कृपया शांत हो जाइए और अपनी यह बकवास कहीं और ले जाइए."

सोनी राजदान ने सफाई में क्या लिखा?

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सोनी राजदान ने ट्रोल होने के बाद सोशल मीडिया पर एक और लंबा चौड़ा पोस्ट किया है, उन्होंने पटाखों को लेकर की गई 'राष्ट्र-विरोधी' टिप्पणी पर सफाई दी है. उन्होंने लिखा, "एक्स पर हर उस व्यक्ति के लिए जो मेरी पोस्ट को किसी ऐसी चीज़ में बदलना चाहता है जो वह नहीं है...मुझे लगता है कि आप पेड़ों के लिए जंगल देखने में ही असमर्थ हैं.मैं कुछ स्पष्ट कर दूं, क्योंकि मेरे द्वारा राष्ट्र-विरोधी शब्द के प्रयोग से बहुत भ्रम पैदा हुआ है.पटाखे फोड़ना आपको राष्ट्रवादी नहीं बनाता. और उन्हें न फोड़ने का निर्णय निश्चित रूप से राष्ट्र-विरोधी नहीं है.हालाँकि, जो बात मुझे बेहद गैर-जिम्मेदाराना लगती है, वह जानबूझकर भयावह वायु प्रदूषण में योगदान दे रही है जिससे लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो रहा है." 

'ये धर्म के बारे में नहीं है'

सोनी ने आगे लिखा, "यदि हम राष्ट्र-विरोधी शब्द का उपयोग करने जा रहे हैं, तो निश्चित रूप से व्यक्तिगत आनंद के कुछ क्षणों के लिए पूरे समुदाय के स्वास्थ्य को खतरे में डालना कहीं अधिक प्रासंगिक जगह है.और क्या सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसी बुनियादी चीज़ के बारे में हर बातचीत को धर्म के बारे में बहस में बदल दिया जाना चाहिए?यह धर्म के बारे में नहीं है. यह आकाशवाणी के बारे में है. यह बच्चों के बीमार पड़ने, स्कूल छूटने और सांस लेने के लिए संघर्ष करने के बारे में है. यह इस देश के प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य और भलाई के बारे में है, चाहे उनका धर्म, आस्था या विश्वास कुछ भी हो.कृपया सामूहिक जिम्मेदारी के बारे में एक साधारण संदेश को किसी ऐसी चीज़ में न बदलें जिसका इरादा कभी नहीं था.क्योंकि ये आपके भी बच्चे हैं. वे सबके बच्चे हैं. और वे स्वच्छ हवा में सांस लेने के हकदार हैं.निश्चित रूप से यह ऐसी चीज़ है जिस पर हम सभी सहमत हो सकते हैं?"

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दीया मिर्जा ने इस मामले पर वीडियो बनाया था

दरअसल, सोनी राजदान का यह बयान  दीया मिर्जा और बीएमसी के दीपावली प्रदूषण-विरोधी जागरूकता अभियान को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है. दीया मिर्जा हाल ही में एक राजनीतिक विवाद में घिर गई हैं, सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोल किया था.

BMC ने इस बयान से किस-किस को जोड़ा था

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बीएमसी ने दीपावली के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण के बारे में जागरूकता फैलाने के अभियान से दीया मिर्जा, माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे सहित कई सेलिब्रिटीज को जोड़ा था.

कोर्ट ने  वीडियो को दोबारा अपलोड करने का आदेश दिया था

यह पहल बॉम्बे हाईकोर्ट के सार्वजनिक जगहों पर पटाखे फोड़ने पर पाबंदी और प्रदूषण के बारे में जागरूकता पैदा करने की जरूरत को लेकर दिए गए निर्देशों के बाद की गई थी. हालांकि, विरोध बढ़ने पर दीया मिर्जा के वीडियो को बीएमसी ने हटा दिया था. बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए उस वीडियो को दोबारा अपलोड करने का आदेश दिया था. 

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शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाया

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सोनी राजदान का जन्म कश्मीरी पंडित पिता (नरेंद्र नाथ राजदान) और जर्मन मूल की ब्रिटिश मां (गर्ट्रूड होल्ज़र) के घर हुआ था.सोनी राजदान के पिता कश्मीरी पंडित थे और मां ब्रिटिश-जर्मन थीं.उन्होंने 1986 में फिल्म निर्देशक महेश भट्ट से शादी की. मीडिया रिपोर्ट्स और परिवार के खुलासों के अनुसार, महेश भट्ट ने सोनी राजदान से शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाया था.सोनी राजदान के पास ब्रिटेन की नागरिकता है.

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