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PM Modi को चुनौती देने वाली Himangi Sakhi का नाम लिया गया वापस
शिव की नगरी काशी में पीएम मोदी के खिलाफ चुनावी लड़ाई काफी दिलचस्प होती जा रही है । हर तरफ यूपी की इस सीट की काफी चर्चा है ।कि देश के सबसे ज्यादा लोकप्रिय पीएम जिस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं वहां से उनके खिलाफ कौन सा चेहरा उन्हें टक्कर देगा। वाराणसी की सीट से जहां कांग्रेस ने अजय राय को उतारा तो वहीं हिंदू महासभा की तरफ महामंडलेश्वर हिमांगी सखी के नाम का ऐलान हुआ। जैसे ही उनके नाम की घोषणा हुई हर जगह चर्चा होने लगी कि मोदी को सबसे तगड़ी टक्कर हिमांग सखी से ही मिलने वाली हैं।
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शिव की नगरी काशी में पीएम मोदी के खिलाफ चुनावी लड़ाई काफी दिलचस्प होती जा रही है । हर तरफ यूपी की इस सीट की काफी चर्चा है ।कि देश के सबसे ज्यादा लोकप्रिय पीएम जिस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं वहां से उनके खिलाफ कौन सा चेहरा उन्हें टक्कर देगा। वाराणसी की सीट से जहां कांग्रेस ने अजय राय को उतारा तो वहीं हिंदू महासभा की तरफ महामंडलेश्वर हिमांगी सखी के नाम का ऐलान हुआ। जैसे ही उनके नाम की घोषणा हुई हर जगह चर्चा होने लगी कि मोदी को सबसे तगड़ी टक्कर हिमांग सखी से ही मिलने वाली हैं। लेकिन अब लगता है जैसे ऐसा कुछ नहीं होगा। जी हां पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से हुंकार भरने वाली हिमांगी सखी का नाम हिंदू महासभा ने वापस ले लिया है अभी हाल ही में कुछ दिनों पहले किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी का नाम इस सीट से फाइनल किया गया था। इस बारे में हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणी ने खुद जानकारी दी। नाम वापस लिए जाने के बाद अगर आपको लगता है कि हिमांगी सखी चुप बैठेंगी तो ऐसा नहीं है भले ही चक्रपाणि ने उनका वापस ले लिया लेकिन वो निर्दलीय हुंकार भरने के लिए तैयार है उनका कहना है कि चक्रपाणि महाराज ने उनके साथ धोखा किया है ।
चक्रपाणि का कहना है कि देश के पीएम के सम्मान में दूसरी पार्टियों को खुद प्रत्याशी नहीं उतारने चाहिए। इसके बाद हिमांगी सखी ने एक्स सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि स्वामी चक्रपाणि ने हमसे झूठ बोला है. चक्रपाणि महाराज को चुनाव आयोग से एक पत्र मिला है. वे चुनाव में प्रत्याशी नहीं उतार सकते हैं. फिर भी उन्होंने उतारा. हमसे धोखा किया.'
यानी हिमांगी सखी का दावा है की स्वामी चक्रपाणि को चुनाव आयोग ने पहले ही बोल दिया था की वो प्रत्याशी नहीं उतार सकते फिर भी उन्होंने उतारा। वही, हिमांगी सखी ने जो लेटर शेयर किया है उसमे भी लिखा है "यह सूचित किया जाता है कि निम्नलिखित कारण (ओं) की वजह से आपका आवेदन स्वीकृत नहीं किया गया है" आगे लिखा है "आवेदन की दिनांक पर, आयोग के अभिलेख के अनुसार, आपकी पार्टी में कोई अधिकृत पदाधिकारी नहीं है, तथा आपकी पार्टी के पदाधिकारियों को लेकर विवाद चल रहा है"
ईटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक हिमांगी सखी का कहना है कि मेरे चुनाव लड़ने की हर जगह चर्चा है इंटरनेशनल स्तर पर ये बात हो चुकी है ऐसे में मैं पीछे नहीं हट सकती, मैं निर्दलीय चुनाव लडूंगी
हालांकि अभी हिमांगी सखी की तरफ से कोई अधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है लेकिन हां ये खबर पक्की है कि अखिल हिंदू महासभा की तरफ से हिमांग सखी का नाम वापस ले लिया गया है।
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