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13 महीने की बहस, 126 तारीखें, 22+ गवाह...मेरठ के नीला ड्रम मामले में मुस्कान-साहिल दोषी करार, 14 को सजा का ऐलान
मेरठ के नीला ड्रम मामले में मुस्कान और साहिल दोषी करार दिए गए. 14 अक्टूबर को सजा का ऐलान किया जाएगा. वकील ने दावा किया है कि हत्याकांड प्री-प्लांड था, लंदन से आते ही सौरभ की हत्या कर दी गई.
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उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड को लेकर कोर्ट का फैसला आ गया है. कोर्ट ने पति की हत्या कर उसके शव को नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में छिपाने के आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को दोषी करार दिया है. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने यह फैसला सुनाया है. इस मामले में सजा का ऐलान 14 अक्टूबर को किया जाएगा. बता दें कि सौरभ राजपूत हत्याकांड में जुलाई 2025 में ट्रायल शुरू हुआ था.
इस दौरान लगभग 13 महीनों तक चली कोर्ट बहस में 126 तारीखों के दौरान 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए. मृतक सौरभ राजपूत के परिवार ने कोर्ट से दोनों आरोपियों को फांसी की सजा देने की गुहार लगाई है. मृतक सौरभ राजपूत के भाई राहुल ने समाचार एजेंसी से कहा, "हम शुरू से यही उम्मीद लगाए हुए हैं कि हमें इंसाफ मिलेगा. हमने शुरू से एक ही मांग रखी है कि जो उन्होंने हमारे भाई के साथ किया, वो उनके साथ हो. उन्हें कम से कम फांसी होनी चाहिए."
उन्होंने कहा कि हम लगभग डेढ़ साल से इंसाफ के लिए लड़ रहे हैं. उन्होंने बताया कि भाई की हत्या के बाद उनका काम लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है. अदालत के लिए सुबह 11 बजे निकलना और शाम करीब 5 बजे घर लौटना होता है. राहुल ने बताया कि 11 दिन वे खुद और 9 दिन उनकी मां को पेश होना पड़ा है. परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी पेश हुए हैं.
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राहुल ने बताया कि इस मामले में कुल 22 गवाह हैं, जिन्होंने अदालत में गवाही दी है. उन्होंने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि हमारी शुरू से उम्मीद यही है कि दोनों को फांसी होनी चाहिए. राहुल ने कहा कि अगर जिला अदालत से दोनों दोषियों को कम सजा मिली तो हम हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे.
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'प्री-प्लान्ड था सौरभ हत्याकांड, लंदन से लौटते ही कर दी गई हत्या
वहीं सौरभ राजपूत हत्याकांड में मृतक के परिवार की ओर से पेश वकील विजय बहादुर ने दावा किया है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि अभियुक्त साहिल और मुस्कान ने मिलकर सौरभ को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि हत्या से पहले सौरभ को बेहोश करने के लिए नशीला पदार्थ दिए जाने की तैयारी की गई थी.
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मां के कर से सौरभ ने लाया खाना, उसी में मुस्कान ने मिला दी जहर!
वकील विजय बहादुर ने आगे बताया कि सौरभ 24 फरवरी 2025 को लंदन से वापस आया था. इसके बाद 3 तारीख को वह अपनी मां के घर से खाना लेकर आया था और इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई. हत्या से पहले और बाद में अलग-अलग तरह की तैयारियां की गई थीं. हत्या से पहले सौरभ को बेहोश करने के लिए एक दवा लाई गई थी, जिसे कथित तौर पर खाने में मिलाया गया.
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क्या मुस्कान की छोटी बच्ची को देखते हुए मिलेगी राहत?
मामले की सुनवाई के दौरान कुल 22 गवाह पेश किए जाने और 126 तारीखों पर सुनवाई होने के सवाल पर विजय बहादुर ने अदालत के रुख पर टिप्पणी करने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि न्यायालय का वास्तविक रुख जजमेंट आने के बाद ही स्पष्ट होगा और इससे पहले अदालत के बारे में टिप्पणी करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई शांतिपूर्ण तरीके से की है और दोनों पक्षों को सुना है. साथ ही, दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों पर विचार किया जा रहा है. ऐसे गंभीर मामलों में अदालत के सामने उम्रकैद और मृत्युदंड जैसे प्रावधानों पर विचार का सवाल आता है.
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उम्र कैद पर विचार कर सकता है कोर्ट?
मुस्कान की छोटी बच्ची को देखते हुए क्या सजा में कोई राहत मिल सकती है और क्या मृत्युदंड के बजाय उम्रकैद हो सकती है, इस सवाल पर विजय बहादुर ने कहा कि यह पूरी तरह अदालत के विचार पर निर्भर करेगा. उन्होंने कहा कि पहले अदालत की ओर से दोषसिद्धि पर फैसला आएगा और उसके बाद सजा के मुद्दे पर सुनवाई होगी.
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सौरभ राजपूत हत्याकांड नीले ड्रम की वजह से पूरे देश में चर्चा का विषय बना था. सौरभ की लाश उसके ही घर में एक नीले ड्रम के अंदर मिली थी. पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल पर सौरभ की हत्या कर उसके शव को नीले ड्रम में भरने का आरोप है. पिछले साल 19 मार्च को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.