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CM सुवेंदु के PA चंद्रनाथ रथ हत्यकांड पर बड़ा खुलासा, 70 लाख रुपये में हुई थी डील, अपराधियों ने ऐसे तैयार किया था पूरा प्लान

Chandranath Rath Murder Case: मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में सीबीआई (CBI) को कई लिंक हाथ लगे हैं. सीबीआई सूत्रों का कहना है कि चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की डील 70 लाख रुपये में हुई थी.

Image Source: IANS
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मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी के पीए (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच जैसे ही सीबीआई (CBI) के हाथों में पहुंची है, नए-नए खुलासे हो रहे हैं. जांच में जुटी सीबीआई की टीम के सूत्रों के मुताबिक, इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए शूटरों को 70 लाख रुपये दिए गए थे. सीबीआई ने अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. 

हत्याकांड में पांच और लोगों के शामिल होने का दावा

सीबीआई को शक है कि गिरफ्तार आरोपियों के अलावा कम से कम पांच और लोग इस हत्याकांड में शामिल थे. हालांकि, अभी तक इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड का पता नहीं चल पाया है जिसने सुपारी दी थी. बता दें कि सुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से महज दो दिन पहले, 6 मई को उनके पर्सनल सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड को तब अंजाम दिया गया, जब वह अपनी कार से कहीं जा रहे थे.

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'सिग्नल' ऐप के जरिए ट्रैक की गई लोकेशन

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जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि हत्यारों को चंद्रनाथ रथ की पल-पल की जानकारी 'सिग्नल' मैसेंजर ऐप के माध्यम से दी जा रही थी. CBI सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय मध्यमग्राम में ही कोई व्यक्ति मौजूद था जो हमलावरों को रथ की 'लाइव लोकेशन' भेज रहा था. चूंकि सिग्नल ऐप को ट्रैक करना काफी जटिल है, इसलिए अपराधी ने इसका इस्तेमाल किया.

आरोपियों के खिलाफ कैसे मिला सुराग?

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मामले की शुरुआती जांच के दौरान उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन आरोपियों—मयंक मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह को गिरफ्तार किया गया था. इनका सुराग बल्ली टोल प्लाजा से मिला, जहां हमलावरों की संदिग्ध कार गुजरी थी और कार में सवार एक व्यक्ति ने यूपीआई (UPI) के जरिए टोल टैक्स का भुगतान किया था.

CBI आरोपियों से कर रही है पूछताछ

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फिलहाल, CBI की एक विशेष टीम कोलकाता में मौजूद है और तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है. ये तीनों आरोपी 23 मई तक हिरासत में रहेंगे. इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या, आपराधिक साजिश और अवैध हथियार रखने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. एजेंसी का मानना है कि पूरी साजिश में कुल 8 लोग शामिल थे. 

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