दक्षिण बस्तर में सीआरपीएफ का बड़ा ऐलान, डीजी बोले- 2026 से पहले खत्म होगा माओवादी प्रभाव

जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए डीजी खुद जवानों के साथ बड़ाखाना में शामिल हुए. उन्होंने सभी के साथ एक ही पंगत में बैठकर खाना खाया और रात भी तड़मेटला एफओबी पर ही रुके. जवानों ने इसे कमांडर और जवान के बीच सच्ची दोस्ती और विश्वास का बेहतरीन उदाहरण बताया.

Author
21 Nov 2025
( Updated: 11 Dec 2025
03:42 AM )
दक्षिण बस्तर में सीआरपीएफ का बड़ा ऐलान, डीजी बोले- 2026 से पहले खत्म होगा माओवादी प्रभाव

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक जीपी सिंह ने शुक्रवार को दक्षिण बस्तर के सबसे संवेदनशील इलाके में बने तड़मेटला फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) का औचक दौरा किया.

यूनिट कमांडरों के साथ हुई तीन घंटे की मैराथन बैठक 

यह बेस पिछले साल कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में हुए बड़े ऑपरेशन ‘ब्लैक फॉरेस्ट’ के बाद स्थापित किया गया था, जिसमें सुरक्षा बलों ने माओवादियों के कई बड़े कमांडरों को मार गिराया था.

डीजी ने एफओबी पर मौजूद सभी यूनिट कमांडरों के साथ करीब तीन घंटे तक वर्तमान स्थिति और आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने पिछले दो साल में माओवादियों के कोर एरिया में बने लगातार दबाव की जमकर सराहना की. डीजी ने कहा कि जिस तेजी से माओवादी भाग रहे हैं, सरेंडर कर रहे हैं या मारे जा रहे हैं, वह अभूतपूर्व है.

जवानों से किया सीधा संवाद

इसके बाद जीपी सिंह ने 205वीं कोबरा बटालियन और 196वीं बटालियन के जवानों से सीधा संवाद किया. जवानों ने जंगल में रहते हुए आने वाली दिक्कतें और अपने सुझाव रखे.

डीजी ने सभी के सामने स्पष्ट शब्दों में दोहराया, “मार्च 2026 से पहले हम दक्षिण बस्तर का यह पूरा इलाका माओवादी प्रभाव से पूरी तरह मुक्त कर देंगे. यह मेरा आप सबको वादा है और हम इसे जरूर पूरा करेंगे.”

जवानों के साथ पंगत में बैठकर खाना खाया

जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए डीजी खुद जवानों के साथ बड़ाखाना में शामिल हुए. उन्होंने सभी के साथ एक ही पंगत में बैठकर खाना खाया और रात भी तड़मेटला एफओबी पर ही रुके. जवानों ने इसे कमांडर और जवान के बीच सच्ची दोस्ती और विश्वास का बेहतरीन उदाहरण बताया.

एक साल में 150 माओवादी ढेर

सीआरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक पिछले एक साल में दक्षिण बस्तर में 150 से ज्यादा माओवादी मारे गए हैं और 700 से अधिक ने सरेंडर किया है. कई बड़े कैंप और ठिकाने तबाह किए गए हैं. तड़मेटला जैसे नए एफओबी बनने से अब सुरक्षा बल गहरे जंगलों में लंबे समय तक रहकर ऑपरेशन चला रहे हैं.

डीजी का यह दौरा जवानों में नई ऊर्जा भर गया है और माओवाद के खिलाफ लड़ाई को अंतिम मुकाम तक ले जाने का संकल्प और मजबूत हुआ है.

यह भी पढ़ें

 

Tags

Advertisement

टिप्पणियाँ 0

LIVE
Advertisement
Podcast video
अरुणाचल पर कब्जे की कोशिश करने वालों को करारा जवाब, घुसपैठियों को खदेड़ने की तारो सोनम ने दी चेतावनी, Podcast
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें