नवरात्रि का त्योहार सनातन धर्म में बहुत मायने रखता है. इस दौरान मां दुर्गा के भक्त माता के अलग-अलग मंदिरों में जाते हैं, उपवास रखते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं मध्यप्रदेश में 5 ऐसे शक्तिपीठ हैं जहां की मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान दर्शन मात्र से ही भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
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धर्म ज्ञान24 Sep, 202501:57 PMमध्यप्रदेश के 5 ऐसे चमत्कारी शक्तिपीठ जहां नवरात्रि में दर्शन मात्र से पूरी होती हैं भक्तों की मनोकामनाएं
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धर्म ज्ञान22 Sep, 202507:13 PMक्या है त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ का इतिहास? जिसका पीएम मोदी ने किया उद्धाटन, जानें क्यों कहलाता है धरती का स्वर्ग
माता त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ नवरात्रि पर आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक है. पीएम मोदी के उद्घाटन से यह धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनकर उभरा है. यह शक्तिपीठ भक्तों को आशीर्वाद और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा.
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धर्म ज्ञान22 Sep, 202505:02 PMबंगाल में मौजूद हैं मां दुर्गा के ये 12 शक्तिपीठ, नवरात्रि के दौरान उमड़ी है लाखों भक्तों की भीड़
पश्चिम बंगाल में स्थित हैं मां सती के 12 शक्तिपीठ. नवरात्रि के दौरान इन शक्तिपीठों की महत्ता और ज्यादा बढ़ जाती है. नवरात्रि के अवसर पर भक्त यहां के अलग-अलग शक्तिपीठों में दर्शन के लिए आते हैं. मान्यता है कि इस दौरान यहां पूजा करने से आध्यात्मिक शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है. तो आप भी पढ़िए कौनसे हैं ये शक्तिपीठ…
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धर्म ज्ञान18 Jul, 202504:26 PMमां का चमत्कारी शक्तिपीठ, जिसकी मुस्लिम भी करते हैं पूजा... लेकिन पहले निभानी पड़ती हैं 2 रहस्यमयी कसमें
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित हिंगलाज माता मंदिर न सिर्फ हिंदुओं बल्कि मुस्लिमों के लिए भी आस्था का केंद्र है. इसे 'नानी मंदिर' कहा जाता है, जहां पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान और मिस्र तक से मुस्लिम श्रद्धालु आते हैं. यहां की सुरक्षा और सेवा खुद मुस्लिम समुदाय करता है.
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धर्म ज्ञान25 Feb, 202510:43 PMबाबा बैद्यनाथ एकमात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग जहां शिव और शक्ति दोनों करते हैं वास
बाबा बैद्यनाथ धाम, झारखंड के देवघर में स्थित एक पवित्र ज्योतिर्लिंग मंदिर है, जिसे द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख स्थान प्राप्त है। इसे "कामनालिंग" कहा जाता है क्योंकि यहां भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस धाम की विशेषता यह है कि यहां भगवान शिव और माता सती दोनों का वास माना जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, जिसमें चतुष्प्रहर पूजा, मोर मुकुट अर्पण और पंचशूल स्थापना प्रमुख हैं।
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धर्म ज्ञान17 Jul, 202405:19 PMMaharaja Agrasen Palace में शंकराचार्य के हाथों महालक्ष्मी शक्तिपीठ की स्थापना
खंड भारत के इतिहास में कुशल शासकों की कीर्ति गाथा किसी एक युग तक सीमित नहीं रही, बल्कि युगों-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करती आई। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं, पुरुषोत्तम प्रभु राम के वंशज महाराजा अग्रसेन।108 वर्षों तक इन्हीं की सत्ता में एक नई शासन व्यवस्था का उदय हुआ, जिसमें मानव समाज महानता के जीवन पथ पर चला और जो कि इतिहास हमेशा से ख़ुद को दोहराता आया है। इस कारण 8 एकड़ में बनी भव्य महाराजा अग्रेसन पैलेस की विराट पिक्चर आज आपके सामने है।