दर्श अमावस्या 18 मार्च 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पंचांग और धार्मिक महत्व
18 मार्च के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 52 मिनट से 5 बजकर 40 मिनट तक. विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 29 मिनट से 6 बजकर 53 मिनट तक रहेगा.
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हिंदू पंचांग के अनुसार 18 मार्च को दर्श अमावस्या पड़ रही है. हर महीने की अमावस्या को दर्श अमावस्या कहा जाता है. 'दर्श' का अर्थ 'देखना' या 'दर्शन करना' होता है, जबकि अमावस्या वह तिथि है जब चंद्रमा बिल्कुल दिखाई नहीं देता. इसलिए इसे दर्श अमावस्या कहते हैं.
धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पितरों के तर्पण, श्राद्ध और जल अर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है. पितर प्रसन्न होकर परिवार में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और धन की प्राप्ति का आशीर्वाद देते हैं. दान-पुण्य, स्नान और विशेष पूजा से पितृ दोष दूर होता है और आने वाली पीढ़ियों को लाभ मिलता है.
तिथि और पंचांग विवरण
दृक पंचांग के अनुसार, सूर्योदय 6 बजकर 28 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 31 मिनट पर होगा. कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक, उसके बाद अमावस्या तिथि है. नक्षत्र पूर्व भाद्रपद सुबह 5 बजकर 21 मिनट तक, फिर उत्तर भाद्रपद रहेगा. शुभ योग सुबह 4 बजकर 1 मिनट से 19 मार्च तक रहेगा और करण शकुनि सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक रहेगा.
शुभ मुहूर्त
18 मार्च के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 52 मिनट से 5 बजकर 40 मिनट तक. विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 29 मिनट से 6 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. वहीं, अमृत काल रात 9 बजकर 37 मिनट से 11 बजकर 10 मिनट तक रहेगा. निशीथ मुहूर्त देर रात 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक है. हालांकि, अभिजित मुहूर्त इस दिन नहीं है.
अशुभ समय
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वहीं, अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12 बजकर 29 मिनट से 2 बजे तक. यमगंड सुबह 7 बजकर 58 मिनट से 9 बजकर 28 मिनट तक. गुलिक काल सुबह 10 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक है. साथ ही दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. बुधवार को पंचक पूरे दिन प्रभावी रहेगा.
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