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दिल्ली-NCR में पुराने वाहनों के मालिकों पर नहीं होगा कोई ऐक्शन, सुप्रीम कोर्ट का आदेश

इस फैसले से उन लोगों को थोड़ी राहत मिली है जिनके पास पुरानी गाड़ियाँ हैं और जो अभी भी उन्हें इस्तेमाल कर रहे हैं.फिलहाल कोई डर नहीं है कि गाड़ी जब्त कर ली जाएगी या ज़बर्दस्ती स्क्रैप की जाएगी.

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12 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:19 AM )
दिल्ली-NCR में पुराने वाहनों के मालिकों पर नहीं होगा कोई ऐक्शन, सुप्रीम कोर्ट का आदेश
Image Credit: Auto
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 Vehicle Policy: दिल्ली-एनसीआर में चल रही पुरानी गाड़ियों को लेकर एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. सुप्रीम कोर्ट ने एक नया आदेश जारी करते हुए फिलहाल 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में 4 हफ्तों में जवाब देने का निर्देश भी दिया है. इसका मतलब है कि अभी दिल्ली सरकार इन पुरानी गाड़ियों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर सकेगी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया है कि जब तक मामले पर पूरी सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक दिल्ली सरकार कोई भी कार्रवाई न करे.

क्यों हुआ ये मामला कोर्ट में?

इस पूरे विवाद की शुरुआत साल 2014 में हुई थी, जब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर रोक लगाने का आदेश दिया था. इसके बाद साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस आदेश को सही ठहराया और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि इन गाड़ियों को जप्त कर स्क्रैप किया जाए यानी कबाड़ में बदल दिया जाए.

दिल्ली सरकार ने 2024 में क्या किया?

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फरवरी 2024 में दिल्ली सरकार ने “Guidelines for Handling End of Life Vehicles in Public Places of Delhi 2024” नाम से एक गाइडलाइन जारी की. इसके तहत लगभग 62 लाख पुरानी गाड़ियों को सड़कों से हटाकर स्क्रैप करने की योजना बनाई गई थी. इस आदेश का काफी विरोध हुआ. कई लोगों और सामाजिक संगठनों ने कहा कि इससे आम जनता को परेशानी होगी. बहुत से लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी इन गाड़ियों पर टिकी हुई है, और एकदम से इन्हें बंद करना उनके लिए झटका होगा.

अब क्या होगा आगे?

अब चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने पुरानी गाड़ियों पर कार्रवाई पर रोक लगा दी है, इसलिए दिल्ली सरकार कोई भी जब्ती या स्क्रैप की कार्रवाई नहीं कर सकेगी. कोर्ट ने केंद्र सरकार से 4 हफ्तों के अंदर जवाब मांगा है कि इस मामले पर उनकी क्या राय है.इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट आगे कोई फैसला लेगा कि क्या पुराने आदेश को बदला जाए, या पहले की तरह ही लागू रखा जाए.

आम लोगों के लिए राहत की खबर

इस फैसले से उन लोगों को थोड़ी राहत मिली है जिनके पास पुरानी गाड़ियाँ हैं और जो अभी भी उन्हें इस्तेमाल कर रहे हैं.फिलहाल कोई डर नहीं है कि गाड़ी जब्त कर ली जाएगी या ज़बर्दस्ती स्क्रैप की जाएगी. हालांकि, यह राहत अस्थायी है, क्योंकि अंतिम फैसला अभी आना बाकी है. इसलिए लोगों को चाहिए कि वे आगे आने वाले आदेशों पर नज़र रखें और गाड़ी को वैध रूप से चलाने के सभी नियमों का पालन करें.

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