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US Midterm Election Results: हार के बाद ट्रंप का बयान, कहा- मैं उम्मीदवार होता तो बड़े अंतर से जीत मिलती
US मिडटर्म चुनावों के नतीजों में मिली हार को स्वीकारते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिएक्शन दिया है. उन्होंने ये भी माना कि ईरान जंग हार की वजह हो सकती है.
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अमेरिका में मिडटर्म चुनावों में हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालत ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नौचे’ जैसी हो गई है. उन्होंने अपनी पार्टी रिपब्लिकन की हार के बाद अजीबोगरीब बयान दिया है. ट्रंप ने कहा, वो चुनाव नहीं लड़ रहे थे इसलिए पार्टी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पहली प्रतिक्रिया जाहिर की. उन्होंने लिखा,
‘चुनाव में मैं उम्मीदवार नहीं था. अगर मैं उम्मीदवार होता, तो हम बहुत बड़े अंतर से जीतते.’
हालांकि रिपब्लिकन उम्मीदवारों का चुनाव प्रचार करते हुए ट्रंप ने लोगों से अपील की थी कि वोट डालते समय ये सोचें कि उम्मीदवार वो खुद (ट्रंप) हैं.
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ट्रंप ने मानी हार
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वहीं, ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अपनी हार स्वीकार की. उन्होंने कहा, ‘मैं इन नतीजों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं. हम डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करेंगे. उनके साथ काम करने को लेकर हम उत्साहित हैं. उम्मीद है कि हम कोई रास्ता निकाल लेंगे.’ मंगलवार को अमेरिका में मिडटर्म चुनाव संपन्न हुआ. शुरुआती नतीजों में राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी साफतौर पर पिछड़ती दिख रही है. वहीं विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने दोनों सदनों में बढ़त बना ली है.
प्रतिनिधि सभा में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुए. शुरुआती रुझानों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी 147 सीटों पर आगे चल रही है. राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी 88 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. वहीं, सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए. इनमें भी डेमोक्रेट्स आगे चल रहे हैं. सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटों की जरूरत होती है.
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फिलहाल सीनेट में रिपब्लिकन के पास 53 सीटें हैं, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 45. इसके अलावा 2 निर्दलीय सांसद भी हैं, जो डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करते हैं. इस तरह दोनों पक्षों के बीच सीटों का अनुपात 53-47 है. फ्लोरिडा में गवर्नर पद के लिए हुए चुनाव में बायरन डोनाल्ड्स जीते तो यहीं से प्रतिनिधि सभा की सीट भारतीय मूल की पिया डांडिया ने अपने नाम की.
ईरान के साथ जंग पड़ी भारी!
ट्रंप ने माना कि ईरान जंग का असर मिडटर्म चुनाव पर पड़ा है. उन्होंने युद्ध की वजह से बढ़ी महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को भी इसकी वजह बतचाया. ट्रंप ने कहा, लोग नाराथ थे, उन्हें ईंधन के लिए ज्यादा पैसे खर्च करना पसंद नहीं आया.
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वहीं, इस बड़ी हार के बाद ट्रंप से जो सबसे बड़ी पावर छिन गई है वो ये है कि अब वे अकेले कोई मनमाना फैसला नहीं ले पाएंगे. किसी भी बिल को अपनी मर्जी से पास नहीं करवा पाएंगे. सुपर पावर राष्ट्रपति से पावरलेस प्रेसिडेंट बन गए हैं जो उनके राजनीतिक प्रभाव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. हालांकि एक बात ये भी है कि पिछले 21 मिडटर्म चुनावों में सत्ताधारी पार्टी 19 बार हारी है. केवल दो ही चुनावों में जीत मिली. 1998 बिल क्लिंटन और 2002 में जॉर्ज बुश की पार्टियों को मिडटर्म चुनावों में जीत मिली थी.
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With IANS Input