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टैरिफ टेरर, गवर्नर की बर्खास्तगी, वॉशिंगटन-शिकागो का टेकओवर… तीन डराने वाले फैसलों से लगा तनाशाह होने का आरोप, तो ट्रंप ने कहा- I am not a Dicatator
अपने विरोधियों का मजाक उड़ाते हुए कहा "वे (विरोधी) कहते हैं कि हमें उसकी जरूरत नहीं है. फ्रीडम, फ्रीडम... वह (अपने बारे में कि ट्रंप) तानाशाह है. दरअसल मैं समझदार और कॉमन सेंस रखने वाला इंसान हूं, मैं तनाशाह नहीं हूं
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल के दिनों में भारी विरोध का सामना कर रहे हैं. इस विरोध के बीच उन्होंने वॉशिंगटन को टेकओवर कर लिया है और यहां नेशनल गार्ड्स की तैनाती कर दी है. अब वो एक खतरनाक योजना बना रहे हैं, ट्रंप अब इलिनॉइस के सबसे बड़े शहर पर कब्जा करने की तैयारी कर रहे हैं. यहां उन्होंने फेडरल गवर्नर को भी बर्खास्त कर दिया है. तमाम गतिविधियों के बाद जब उनके विरोधी उनपर "तानाशाही" के आरोप लगा रहे हैं, तो इसपर उन्होंने जवाब दिया है, "मैं तानाशाह नहीं हूं."
"खतरनाक तानाशाह" हैं ट्रंप!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड की तैनाती का बचाव करते हुए संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर इसे अन्य शहरों में भी भेजा जा सकता है. यह कदम कई लोगों के लिए चौंकाने वाला है, खासकर तब जब कुछ महीने पहले एक सर्वे में सामने आया था कि अमेरिका की बड़ी आबादी उन्हें एक "खतरनाक तानाशाह" मानती है. इस बीच, वॉशिंगटन में बढ़ते अपराध को लेकर ट्रंप की नाराज़गी ने नया मोड़ ले लिया है और उन्होंने यहां ‘क्राइम इमरजेंसी’ घोषित कर दी है.
एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर ट्रंप का हस्ताक्षर
सोमवार को ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ को एक विशेष नेशनल गार्ड यूनिट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह यूनिट खासतौर पर वॉशिंगटन में “पब्लिक सेफ्टी” सुनिश्चित करने के लिए बनाई जा रही है. आदेश में यह भी कहा गया है कि इस यूनिट के सदस्यों को संघीय कानून लागू करने के लिए डिप्युटाइज किया जाएगा. साथ ही, प्रशिक्षित नेशनल गार्ड्स को “रैपिड नेशनवाइड डिप्लॉयमेंट” के लिए भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं.
मैं तानाशाह नहीं हूं- ट्रंप
ऑर्डर पास करने के बाद ट्रंप ने व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम में अपने विरोधियों का मजाक उड़ाते हुए कहा "वे (विरोधी) कहते हैं कि हमें उसकी जरूरत नहीं है. फ्रीडम, फ्रीडम... वह (अपने बारे में कि ट्रंप) तानाशाह है." उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि आगे की कार्रवाई में वह शिकागो में नेशनल गार्ड्स को तैनात कर सकते हैं.
ट्रंप ने कहा, "बहुत से लोग कह रहे हैं कि हमें शायद एक डिक्टेटर पसंद है, लेकिन मैं डिक्टेटर नहीं हूं. मैं समझदार और कॉमन सेंस रखने वाला इंसान हूं."
विरोधी पार्टी डेमोक्रेट्स का ट्रंप का आरोप
दरअसल, डेमोक्रेट नेताओं ने ट्रंप की हालिया कार्रवाई देखते हुए उन्हें तानाशाही बताया है, उनका कहना है कि ट्रंप शहरों को मिलिट्राइज कर रहे हैं. पार्टी के एक सीनेटर ने कहा, "ट्रंप हमारे शहरों को मिलिट्राइज करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि अपनी गिरती पोल रेटिंग से ध्यान हटा सकें. यही काम डिक्टेटर्स करते हैं."
कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजॉम ने भी कहा कि लॉस एंजेलिस में नेशनल गार्ड की तैनाती तो बस शुरुआत थी और यह कदम अमेरिकी शहरों पर एक ऑथोरिटेरियन टेकओवर जैसा है. गौरतलब है कि, राष्ट्रपति ट्रंप ने फेडरल रिजर्व की सदस्य लीजा डी. कूक को इस बीच बर्खास्त कर दिया है. उन्होंने बंधक धोखाधड़ी के आरोपों के चलते इस्तीफा न देने पर उन्हें बर्खास्त करने की धमकी दी थी.
'टैरिफ टेरर' का भी हो रहा भारी विरोध
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने का नोटिफिकेशन जारी किया है और चीन को "बर्बाद" कर देने जैसे आक्रामक बयान भी दिए हैं. हालांकि, इन टैरिफ नीतियों का असर अमेरिकी उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है. आयातित सामान अब अमेरिका में महंगे दामों पर बिक रहे हैं, जिससे खरीदारी का बोझ सीधे अमेरिकियों पर आ रहा है. विशेषज्ञों और डेमोक्रेट्स का कहना है कि ट्रंप की यह ‘टैरिफ टेरर’ रणनीति न सिर्फ अन्य देशों बल्कि अमेरिकी जनता के लिए भी महंगी साबित हो रही है.