H1B Visa पर बड़ा संकट! ट्रंप के सांसद ने खत्म करने का पेश किया बिल, भारतीयों की बढ़ी चिंता

H1B Visas: इस बिल का मकसद H1B वीजा प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करना है. H1B वीजा वह व्यवस्था है जिसके जरिए अमेरिकी कंपनियां विदेशों से पढ़े-लिखे और कुशल लोगों को नौकरी के लिए अमेरिका बुलाती हैं.

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11 Feb 2026
( Updated: 11 Feb 2026
03:57 PM )
H1B Visa पर बड़ा संकट! ट्रंप के सांसद ने खत्म करने का पेश किया बिल, भारतीयों की बढ़ी चिंता
Image Source: Social Media

H1B Visas: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के एक सांसद ग्रेग स्ट्यूबी ने एक नया बिल पेश किया है, जिसका नाम है EXILE एक्ट. इस बिल का मकसद H1B वीजा प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करना है. H1B वीजा वह व्यवस्था है जिसके जरिए अमेरिकी कंपनियां विदेशों से पढ़े-लिखे और कुशल लोगों को नौकरी के लिए अमेरिका बुलाती हैं. खासकर आईटी, इंजीनियरिंग, मेडिकल और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में इस वीजा का ज्यादा इस्तेमाल होता है. ग्रेग स्ट्यूबी का कहना है कि इस वीजा के कारण अमेरिकी नागरिकों की नौकरियां छिन रही हैं और कंपनियां कम सैलरी में विदेशी कर्मचारियों को रखकर ज्यादा मुनाफा कमा रही हैं. उनका आरोप है कि इससे अमेरिका के युवाओं और स्थानीय कामगारों को नुकसान हो रहा है.

सांसद ने क्या कहा?

ग्रेग स्ट्यूबी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह H1B वीजा प्रोग्राम को खत्म करने के लिए बिल ला रहे हैं क्योंकि लंबे समय से इस सिस्टम का गलत फायदा उठाया जा रहा ह.  उनके मुताबिक, बड़ी कंपनियां सस्ते विदेशी कर्मचारियों को लाकर अमेरिकी कर्मचारियों की जगह दे देती हैं, जिससे स्थानीय लोगों की सैलरी कम होती है और अच्छी नौकरियों के मौके घट जाते हैं. उनके कार्यालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज में भी यही कहा गया कि अमेरिकी नागरिकों की भलाई सबसे पहले होनी चाहिए, लेकिन H1B प्रोग्राम विदेशी कामगारों को प्राथमिकता देता है. उनका दावा है कि इससे अमेरिकी युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है.

बिल में क्या प्रावधान है?

EXILE एक्ट के तहत इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है. इसमें कहा गया है कि साल 2027 से हर वित्तीय वर्ष में H1B वीजा की संख्या शून्य कर दी जाएगी, यानी नए H1B वीजा जारी ही नहीं किए जाएंगे. प्रेस रिलीज में कुछ उदाहरण भी दिए गए हैं. जैसे दावा किया गया कि हजारों विदेशी डॉक्टरों को बुलाने से अमेरिकी मेडिकल छात्रों को रेजीडेंसी में जगह नहीं मिल पाई, इसी तरह कुछ बड़ी कंपनियों पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने अमेरिकी कर्मचारियों को हटाकर विदेशी कर्मचारियों को नौकरी दी. इन उदाहरणों के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि H1B वीजा से अमेरिकी लोगों को नुकसान हो रहा है.

भारतीयों पर क्या असर पड़ सकता है?

अगर यह बिल कानून बन जाता है तो इसका सबसे बड़ा असर भारतीयों पर पड़ेगा, क्योंकि H1B वीजा पाने वालों में करीब 70 प्रतिशत भारतीय होते हैं. हर साल बड़ी संख्या में भारतीय आईटी प्रोफेशनल, इंजीनियर, डॉक्टर और अन्य विशेषज्ञ इस वीजा के जरिए अमेरिका में काम करने जाते हैं. अगर यह प्रोग्राम बंद हो जाता है, तो भारतीय युवाओं के लिए अमेरिका में नौकरी के अवसर काफी कम हो जाएंगे. कई भारतीय छात्र जो अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करना चाहते हैं, उनके लिए भी रास्ता मुश्किल हो सकता है.

अभी क्या स्थिति है?

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फिलहाल यह बिल सिर्फ अमेरिकी संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में पेश किया गया है. अभी इस पर न तो बहस हुई है और न ही वोटिंग. सबसे पहले इसे संबंधित कमेटी के पास भेजा जाएगा, जहां इस पर चर्चा होगी. अगर यह हाउस में पास हो जाता है, तो फिर इसे सीनेट में भेजा जाएगा. वहां से मंजूरी मिलने और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ही यह कानून बन सकेगा. इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि H1B वीजा तुरंत बंद हो जाएगा, लेकिन अगर यह बिल आगे बढ़ता है तो भारतीयों और अन्य विदेशी कामगारों के लिए बड़ी चिंता की बात हो सकती है.

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