भारत का ‘मेनिफेस्टो’ और बांग्लादेश का चुनाव! इन भारतीय योजनाओं की नकल कर सत्ता पाना चाहती हैं वहां की पार्टियां
बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को चुनाव होने वाले हैं. इस चुनाव में वहां की पार्टियों ने कई ऐसे वादे किए हैं, जिन्हें भारत की कल्याणकारी योजनाओं की नकल बताया जा रहा है.
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बांग्लादेश जल रहा है. शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद कट्टरपंथी फिर से एक्टिव हो गए हैं. बांग्लादेश की आंतरिक हालत इतनी खराब है, कि यहां अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. ऐसे में, 12 फरवरी 2026 को बांग्लादेश के अंदर होने वाले चुनाव देश की तकदीर तय करेंगे. इस चुनाव में हैरान करने वाली बात ये है कि वो तमाम पार्टियां चुनाव लड़ रही हैं, जिनपर शेख हसीना के कार्यकाल में बैन लगा हुआ था. वहीं, इस बार के चुनाव में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा हुआ है.
कौन-कौन सी पार्टियां लड़ रही हैं चुनाव?
बांग्लादेश में तख्ता पलट के बाद यहां सब कुछ बदल चुका है. शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद पहली बार बांग्लादेश के अंदर चुनाव होने जा रहे हैं. ऐसे में, पूरी दुनिया की निगाहें इस ऐतिहासिक चुनाव पर टिकी हुई हैं. शेख हसीना की अवामी लीग पर प्रतिबंध के बीच इस चुनाव में मुख्य रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जमात-ए-इस्लामी और छात्रों की पार्टी नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) चुनाव में हिस्सा ले रही हैं.
मेनिफेस्टो के मामले में नकलची निकला बांग्लादेश!
बांग्लादेश में नाज़ुक हालात के बीच आम चुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जनता सड़क पर है, ऐसे में पार्टियों ने जनता को लुभाने के लिए अपने मेनिफेस्टो में कई बड़े वादे किए हैं. लेकिन जब इन पार्टियों के मेनिफेस्टो पर नजर डालें तो पता चलता है कि इसमें से कई बड़े वादे भारत की कल्याणकारी योजनाओं से लिए गए हैं.
भारत की कल्याणकारी योजनाओं को अपने मेनिफेस्टो में डाला!
जी हां, इस बार के आम चुनाव में बांग्लादेश के अंदर प्रमुख पार्टियों ने जो बड़े वादे किए हैं, वो भारत की ही कई कल्याणकारी योजनाओं की नकल बताया जा रहा है. जिसमें किसान कल्याण, कौशल विकास और शिक्षा से जुड़े कई वादे शामिल हैं.
भारत की किन योजनाओं की बांग्लादेशी पार्टियों ने नकल की है?
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इस चुनाव में सबसे मजबूत दावेदार तारीक रहमान की पार्टी BNP को मान जा रहा है. वहीं, दूसरी पार्टियां भी चुनावी मैदान में ताल ठोक रही हैं. आईए अब आपको बताते हैं कि वे कौन से चुनावी वादे हैं जो भारतीय कल्याणकारी योजनाओं से मेल खाते हैं.
- परिवार कार्ड (Family Card): बीएनपी ने गरीब और निम्न आय वाले परिवारों को हर महीने 2,500 टका नकद देने का ऐलान किया है. यह वादा भारत की योजनाओं से मेल खाता है.
- किसान कार्ड (Farmer Card): इसके तहत किसानों को सब्सिडी, आसान लोन, फसल, बीमा, उचित मुल्य और सरकारी मार्केटिंग की सुविधा देने का वादा किया गया है.
- स्वास्थ्य (Health): इसके तहत एक लाख नए स्वास्थ्यकर्मी भर्ती, जिला स्तर पर बेहतर इलाज, मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर फोक्स किया गया है.
- शिक्षा (Education): इसमें शिक्षा के लिए भी भारत जैसा मॉडल अपनाने का वादा किया गया है, जिसमें बच्चों को मिड-डे मील देना शामिल है.
- विदेश नीति (Foreign Policy): भारत की तरह ही बीएनपी ने ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ की निति अपनाने का वादा किया है.
- महिलाएं/अल्पसंख्य: इसके तहत एनसीपी ने 100 आरक्षित सीटों पर सीधा चुनाव, मातृत्व अवकाश, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का वादा किया है.
- युवा और महिलाएं: इसके तहत जमात-ए-इस्लामी ने युवा नेतृत्व, कैबिनेट में महिलाओं/अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व, महिलाओं की सुरक्षा (बस में अलग व्यवस्था, हेल्पलाइन) की बात कही है.
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