Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

US में लाइव होगी सजा-ए-मौत… 13 साथियों के हत्यारे पूर्व सैनिक निदाल हसन को मारी जाएगी गोली, TV पर होगा Live प्रसारण

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस सजा के लाइव स्ट्रीमिंग करने का फैसला लिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस फैसले पर सहमति जताई है.

Representative Image By AI
Loading Ad...

आपने किसी अपराधी को क्रूर से क्रूर सजा दिए जाने के बारे में तो सुना होगा, लेकिन क्या इस सजा की लाइव स्ट्रीमिंग के बारे में सुना है. अमेरिका में पहली बार ऐसा होगा, जब एक एक गुनहगार को गोली मारी जाएगी. जिसकी लाइव स्ट्रीमिंग भी होगी. 

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने सेना के पूर्व मेजर निदाल हसन को गोली मारने की सजा सुनाई है. निदाल को 3 दिसंबर, 2026 को फायरिंग स्क्वाड के जरिए मारा जाएगा. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस सजा के लाइव स्ट्रीमिंग करने का फैसला लिया है. 

क्या मैसेज देना चाहता है अमेरिका? 

Loading Ad...

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस कदम के पीछे का मकसद बताया. उन्होंने कहा, हत्या की घटना को ऑनलाइन दिखाने से भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा, 

Loading Ad...

‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लोग इसे देख सकें और यह सार्वजनिक हो. लोगों को समझना चाहिए कि इस तरह के कामों के गंभीर नतीजे होते हैं.’

इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस फैसले पर सहमति जताई है. यह पहली बार होगा जब अमेरिका में सजा ए मौत लाइव होगी. मौत की इस भयावह घटना को दिखाने के फैसले की आलोचना हो रही है और इसकी कानूनी वैधता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. 

Loading Ad...

किस मामले में दोषी है निदाल हसन? 

ये मामला साल 2009 का है, जब सेना के मनोचिकित्सक मेजर निदाल हसन ने अपनी निजी पिस्टल से फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर गोलीबारी की थी. उसने अपने साथी सैनिकों पर अंधाधुन गोलियां बरसाईं. इस हमले में करीब 13 सैनिक मारे गए थे. उस समय अमेरिका अफगानिस्तान और इराक में युद्ध लड़ रहा था. निदाल हसन ने पुलिस के सामने बताया कि वह अफगानिस्तान और तालिबान के लोगों को अमेरिकी सेना से बचा रहा था. गोलीबारी के दौरान निदाल हसन को भी गोली लगी थी. जिसमें वह कमर के नीचे से पैरालाइज हो गया था. 

निदाल हसन ने यह भी कहा था वह अफगानिस्तान और इराक के खिलाफ अमेरिका के इस युद्ध तो गैरकानूनी और अनैतिक मानता था. उसने इसे जिहाद के लिए किया गया हमला बताया था. अमेरिका की मिलिट्री अदालत में निदाल हसन ने अपना गुनाह कबूल किया था और कहा था उसे कोई पछतावा नहीं है. इसके साथ ही उसे 45 मामलों में सजा ए मौत सुनाई गई थी. 

Loading Ad...

अमेरिका के पूर्व सैनिक और हत्यारे निदाल हसन ने सजा सुनाए जाने के बाद कहा था कि वह चाहता है सजा मिलने से पहले ही उसकी मौत हो जाए, ताकि वह खुद को शहीद माने. 

अमेरिका के फैसले की हो रही आलोचना 

हालांकि अमेरिका के इस फैसले की आलोचना भी हो रही है. लोग पूछ रहे हैं अमेरिका मैसेज देने की इतनी ही स्ट्रॉन्ग नीति रखता है तो वह इतने साल से निदाल हसन को जिंदा क्यों रखे हुए हैं.?
निदाल हसन के मामले से जुड़े सिविलियन वकील जॉन गैलिगन ने भी आलोचना करते हुए कहा है, इस घटना को एक 'तमाशे' की तरह पेश किया जा रहा है और यह भीड़ की ओर से की जाने वाली हिंसा (लिंच मॉब) की उस मानसिकता के बहुत करीब है, जो पुराने जमाने में देखने को मिलती थी. 

Loading Ad...

यह भी पढ़ें- जब कानून से हारा तो बहन के हत्यारे पति को खुद जहन्नुम पहुंचाया, मर्डर के बाद कहा- अब किसी लड़की के साथ…

यह भी पढ़ें

आलोचकों ने यह भी कहा कि बच्चों को इसे लाइव या बाद में रिकॉर्डिंग में देखने से रोकना मुश्किल, या शायद नामुमकिन होगा. कुछ लोगों ने संयुक्त राष्ट्र ने भी इस तरह के कदम को रोकने की मांग की है. UN ने चेतावनी दी कि मौत की सजा को लाइवस्ट्रीम करना क्रूर, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार या सजा के दायरे में आएगा, जिस पर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत रोक है. प्रेस ब्रीफिंग के दौरान UN के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि कोई भी सरकार किसी को सबके सामने या लाइव कैमरों के सामने मौत की सजा देने की संभावना ढूंढ रही है ये घिनौना है. इससे पहले चीन, ईरान और अफगानिस्तान में इस तरह के मामले देखे गए हैं. जब गुनहगार को सबके सामने सजा दी जाती है. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...