Advertisement
सिर्फ एक सेकंड की देरी और चली जाती जान! मिसाइन हमले की खौफनाक साजिश से ऐसे बचे मोजतबा खामेनेई
ईरान में हुए भीषण मिसाइल हमले में अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बीच उनके बेटे और उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई के बाल-बाल बचने का दावा एक लीक ऑडियो रिकॉर्डिंग में किया गया है.
Advertisement
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई उस भीषण अमेरिकी-इजरायली हमले में बाल-बाल बच गए, जिसमें उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ कई वरिष्ठ अधिकारियों की जान चली गई. खबरों के मुताबिक, मोजतबा हमले से मात्र कुछ ही सेकंड पहले उस जगह से बाहर निकले थे, जहां अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को संयुक्त मिसाइल हमला किया था. ईरान की एक आंतरिक उच्चस्तरीय बैठक की लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर इस बात का दावा किया गया है.
लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग में क्या हुआ खुलासा?
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, इस लीक हुई रिकॉर्डिंग में 12 मार्च को ईरानी धर्मगुरुओं और IRGC कमांडरों के बीच हुई चर्चा जिक्र है. दिवंगत नेता के प्रोटोकॉल प्रमुख, मजाहिर हुसैनी ने बैठक में बताया कि मोजतबा खामेनेई हमले के समय अपने पिता के साथ उसी इमारत में मौजूद थे.
हुसैनी के अनुसार, “अल्लाह की यही मर्जी थी कि मोजतबा किसी काम से आंगन में जाए और फिर लौट आए. वह बाहर थे और ऊपर की मंजिल की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने एक मिसाइल से इमारत पर हमला कर दिया”. इजरायली 'ब्लू स्पैरो' बैलिस्टिक मिसाइलों ने इस परिसर को ध्वस्त कर दिया और इस भीषण हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की जान चली गई.
Advertisement
तीन मिसाइलों से हुआ हमला
Advertisement
मजाहिर हुसैनी ने आगे बताया हमले में कुल तीन मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था. एक मिसाइल उस जगह गिरी थी जहां अयातुल्लाह अली खामेनेई मौजूद थे. दूसरी मिसाइल ऊपरी मंजिल पर स्थित मोजतबा खामेनेई के निवास पर लगी और तीसरी मिसाइल मोजतबा के बहनोई मिस्बाह अल-हुदा बाघेरी कानी के घर पर गिरी.
कितना खतरनाक था हमला?
Advertisement
रिकॉर्डिंग में हमले की विनाशकारी प्रभाव का भी जिक्र किया गया है. आगे बताया गया कि ईरानी सेना प्रमुख मोहम्मद शिराजी का शरीर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था. हुसैनी के शब्दों में, "धमाका इतना तेज था कि शिराजी का शरीर पूरी तरह बिखर गया, बाद में केवल कुछ अवशेष ही मिल सके”.
हमले में परिवार के कितने लोग हुए घायल?
यह भी पढ़ें
रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में मोजतबा खामेनेई को केवल पैरों में मामूली चोटें आईं, लेकिन उनकी पत्नी हद्दाद की मौके पर ही मृत्यु हो गई. वहीं, खामेनेई के दूसरे बेटे मुस्तफा खामेनेई और उनकी पत्नी इस हमले में सुरक्षित बचने में कामयाब रहे.