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टंकी, फिल्टरेशन, क्लिनिंग, सीधे रेलवे बोर्ड की मॉनिटरिंग...पीने के पानी को लेकर CAG रिपोर्ट पर रेल मंत्री का एक्शन, हुए कई बदलाव
भारत में रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी को लेकर आई CAG रिपोर्ट के मामले में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सख्त एक्शन लिया है. उन्होंने रेलवे बोर्ड को फौरन कार्रवाई और सतत् निगरानी के आदेश दिए हैं. इसके बाद रेलवे ने कई त्वरित कदम उठाए भी हैं.
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भारतीय रेलवे में पीने के पानी को लेकर आई CAG रिपोर्ट के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ताबड़तोड़ एक्शन लिया है. उन्होंने इस मामले में सीआरबी और सीईओ तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिन भर समीक्षा बैठक की और फौरन साफ और सुरक्षित पेयजल के लिए तत्काल सुधारात्मक उपायों के आदेश दिए.
रेल मंत्री ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए भारतीय रेल में पेयजल संबंधी कार्रवाई तुरंत करने के निर्देश दिए. उनके इस आदेश के बाद रेलवे ने स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई आदि को लेकर कई कदम उठाए.
रेलवे की ओर से फौरन उठाए गए कदम:
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▪️ वाटर कूलरों सहित लगभग 20,000 स्थानों पर नया "टैंक टू टैप" जल फिल्टरेशन सिस्टम और पूरे रेलवे नेटवर्क में लगभग 20,000 स्थानों पर एक व्यापक जल फिल्टरेशन और निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी.
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▪️ पानी की टंकियों को बदलना.
▪️ निम्नलिखित का कड़ाई से पालन:
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वॉटर सोर्स और आउटलेट स्थानों पर नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण
केंद्रीकृत निगरानी और जवाबदेही
स्टोरेज टंकियों की समय पर सफाई और रखरखाव
इतना ही नहीं रेलवे बोर्ड स्तर से इसकी सीधी निगरानी की जाएगी.
Strengthening every step from tank to tap for safer drinking water across the rail network.
#SafeDrinkingWater #PassengerSafety pic.twitter.com/foXJR9UKGq— Ministry of Railways (@RailMinIndia) ?ref_src=twsrc%5Etfw">August 17, 2026Advertisement
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यह कार्रवाई सीएजी द्वारा बताए गई सभी कमियों को संबोधित करने और यात्रा अनुभव में सुधार करने के एक बड़े अभियान का हिस्सा है.
क्या है पेयजल को लेकर आई कैग रिपोर्ट का मामला?
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आपको बता दें कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने रेलवे स्टेशनों के पर लगाए गए नल आदि में पेयजल में ई. कोलाई बैक्टीरिया मिलने पर चिंता जताई है. CAG ने अपनी जांच में पाया कि रेलवे मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधाओं के लिए कई मानक तो तय किए हैं, लेकिन रेलवे के विभिन्न जोन इनका पालन नहीं कर रहे हैं. इस कारण यात्रियों को मिलने वाली मूलभूत सेवाओं में बड़ी खामियां सामने आईं. सीएजी ने अपनी रिपोर्ट ‘भारतीय रेलवे में गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं और स्वच्छता’ में यह जानकारी दी है. यह रिपोर्ट 12 अगस्त को संसद में पेश की गई थी. इसी पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सख्त एक्शन लिया है और रेलवे बोर्ड को फौरन कार्रवाई और सतत् निगरानी के आदेश दिए हैं.