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‘एक कचौरी दो समोसा, आप सबका…’, हिमंत बिस्वा पर चढ़ा Gen-Z फीवर, ट्रेंडिंग स्लोगन के साथ कह दी बड़ी बात
हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर सबका ध्यान खींचा. इस पोस्ट में उन्होंने भीड़ के साथ ली गई एक सेल्फी फोटो शेयर की.
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एक कचौरी दो समोसा… आपकी सोशल मीडिया फीड पर भी ये नारा जरूर आया होगा. इस स्लोगन पर कई रील और मीम बन रहे हैं. एक तरफ अपराध के खिलाफ प्रोटेस्ट में महिलाओं के गढ़े गए इन स्लोगन पर बहस चल रही है. दूसरी ओर ये ही स्लोगन ट्रेंड में भी हैं. यूथ से लेकर नेताओं तक की जुबां पर ये छाए हैं. इस लिस्ट में नई एंट्री असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की है.
हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर सबका ध्यान खींचा. इस पोस्ट में उन्होंने भीड़ के साथ ली गई एक सेल्फी फोटो शेयर की. इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘एक कचौरी दो समोसा, आप सबका मेरे ऊपर भरोसा.’
Ek kachori, do samosa… aap sabka mere upar bharosa! ❤️🙏🏻 pic.twitter.com/uTrgym56Cs
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) ?ref_src=twsrc%5Etfw">October 1, 2026Advertisement
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अखिलेश ने भी लगाया कचौरी वाला नारा
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इस फोटो में भीड़ ने हाथ में फ्लैश लाइट जला रखी थी और CM अपने फोन से सेल्फी ले रहे थे. CM हिमंत का ये पोस्ट काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने भी ‘एक कचौरी दो समोसा’ स्लोगन का जिक्र करते हुए BJP पर तंज कसा था. उन्होंने कहा था, ‘एक कचौरी दो समोसा, BJP वालों का क्या भरोसा.’
कहां से आया स्लोगन?
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दरअसल, पिछले कुछ दिनों में बिहार से लेकर दिल्ली तक महिला अपराध के गंभीर मामले सामने आए हैं. जिनके खिलाफ दिल्ली में Gen-Z एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस प्रदर्शन में महिलाओं ने पुरुषों के खिलाफ बेहद आक्रामक रवैया अपनाते हुए ‘एक कचौरी दो समोसा, मर्दों पर क्या भरोसा, एक जीरा दो अजवाइन, मर्द जात दो रिजाइन.’ जैसे नारे गढ़ दिए.
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एक तरफ यह नारा कैची है और कुछ मर्दों की घटिया सोच को स्वाद के साथ तमाचा मारता है तो दूसरी ओर इंटरनेट पर एक तबका ऐसे स्लोगन का विरोध कर रहा है. लोगों का कहना है कि कुछ मर्दों के कारण सभी पुरुषों पर ऐसी राय बनाना कहां तक उचित है?