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अब अंतरिक्ष में चला पाएंगे iPhone, मिलेगी चांद और वायुमंडल की अनोखी फोटो, NASA ने दी अनुमति
NASA: अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेर इसाकमैन ने जानकारी दी है कि क्रू-12 और आर्टिमिस-2 मिशन पर जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स को यह अनुमति दी जा रही है. इस फैसले को अंतरिक्ष यात्रियों की जिंदगी को थोड़ा आसान और ज्यादा मानवीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
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iPhone in Space: अंतरिक्ष यात्रियों के लिए नासा ने एक बड़ा और दिलचस्प फैसला लिया है. अब चांद या अंतरिक्ष मिशन पर जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स अपने साथ आईफोन और दूसरे आधुनिक स्मार्टफोन ले जा सकेंगे. अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेर इसाकमैन ने जानकारी दी है कि क्रू-12 और आर्टिमिस-2 मिशन पर जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स को यह अनुमति दी जा रही है. इस फैसले को अंतरिक्ष यात्रियों की जिंदगी को थोड़ा आसान और ज्यादा मानवीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
फोटो, वीडियो और परिवार से जुड़े रहने में मिलेगी मदद
नासा के मुताबिक, स्मार्टफोन का इस्तेमाल एस्ट्रोनॉट्स स्पेस में फोटो और वीडियो लेने, अपने अनुभव रिकॉर्ड करने और अपनी फैमिली से जुड़े रहने के लिए कर सकेंगे. इसके अलावा वे अंतरिक्ष और चांद से जुड़ी शानदार तस्वीरें और वीडियो आम लोगों के साथ भी शेयर कर पाएंगे. इससे लोगों को अंतरिक्ष मिशन को और करीब से देखने और समझने का मौका मिलेगा. नासा भी चाहता है कि एस्ट्रोनॉट्स अपने सफर को ज्यादा पर्सनल अंदाज में दुनिया के सामने ला सकें.
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पहले क्यों थी स्मार्टफोन पर पाबंदी
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अब तक एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस में पर्सनल मोबाइल फोन ले जाने की इजाजत नहीं थी. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर मौजूद एस्ट्रोनॉट्स ईमेल, मैसेज और वीडियो कॉलिंग के लिए लैपटॉप और स्पेशल कम्युनिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल करते थे. मोबाइल फोन पर रोक लगाने की बड़ी वजहें थीं - सेफ्टी, मजबूती (ड्यूरैबिलिटी) और साइबर सिक्योरिटी. नासा को डर था कि स्मार्टफोन स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम में दखल दे सकते हैं या किसी तकनीकी खतरे का कारण बन सकते हैं.
टेस्टिंग के बाद बदला गया फैसला
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नासा एडमिनिस्ट्रेटर जेर इसाकमैन ने बताया कि अब इन पुराने नियमों पर दोबारा विचार किया गया है. पूरी टेस्टिंग और जांच के बाद यह पाया गया कि आधुनिक स्मार्टफोन सभी जरूरी सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को पूरा करते हैं. ये फोन स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम के साथ इंटरफेयर नहीं करेंगे और किसी तरह का खतरा नहीं बनेंगे. इसके बाद नासा ने स्पेसफ्लाइट में फोन ले जाने की मंजूरी दे दी.
नासा में कल्चरल शिफ्ट की शुरुआत
इस फैसले को नासा के अंदर एक कल्चरल शिफ्ट के तौर पर भी देखा जा रहा है. जेर इसाकमैन के अनुसार, अब नासा उन नियमों की समीक्षा कर रहा है जो समय के साथ पुराने या गैर-जरूरी हो चुके हैं. तकनीक तेजी से बदल रही है और ऐसे में नियमों को भी अपडेट करना जरूरी है., स्मार्टफोन को मंजूरी देना इसी सोच का हिस्सा है.
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एस्ट्रोनॉट्स के अनुभव होंगे और खास
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नासा का मानना है कि जब एस्ट्रोनॉट्स अपने फोन के जरिए अपने अनुभव रिकॉर्ड करेंगे, तो वे ज्यादा प्राकृतिक और भावनात्मक होंगे. चांद और अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरें और वीडियो लोगों को विज्ञान और स्पेस मिशन से और ज्यादा जोड़ पाएंगे. यह फैसला न सिर्फ तकनीकी बदलाव है, बल्कि एस्ट्रोनॉट्स को इंसान के तौर पर ज्यादा आज़ादी और सुविधा देने की दिशा में भी एक अहम कदम है.