योगी सरकार का मास्टर प्लान, UP के गोरखपुर समेत चार शहरों को मिलेगी मेट्रो की सौगात, इकोनॉमिक सर्वे में बड़ा ऐलान
Gorakhpur Metro Services: अगर गोरखपुर में मेट्रो परियोजना धरातल पर उतरती है, तो इससे शहर की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है. ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और शहर का आर्थिक व सामाजिक विकास तेज़ होगा
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Gorakhpur Metro Services: योगी सरकार ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन इकोनॉमिक सर्वे 2026 की रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट में एक बार फिर यह साफ किया गया कि प्रदेश के प्रमुख शहरों गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ और प्रयागराज में मेट्रो रेल सेवा शुरू करने की योजना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. इस घोषणा के बाद गोरखपुर के लोगों में फिर से मेट्रो को लेकर उम्मीद जगी है, क्योंकि यह योजना बीते कुछ वर्षों से फाइलों में अटकी हुई थी.
गोरखपुर मेट्रो: शहर के लिए बड़ी सौगात
गोरखपुर मेट्रो परियोजना को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPMRCL) के माध्यम से विकसित किया जाना है. यह एक हल्की लेकिन आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली होगी, जिससे शहर में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को तेज़, सुरक्षित और सस्ता सफर मिलेगा. प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क लगभग 28 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें दो एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल होंगे. पूरे प्रोजेक्ट में कुल 27 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने की योजना है. इस परियोजना पर करीब 4600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था.
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योजना की शुरुआत और अब तक की स्थिति
गोरखपुर मेट्रो परियोजना की औपचारिक शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी, जब राज्य सरकार ने यूपीएमआरसीएल को इसका नोडल एजेंसी नियुक्त किया. इसके बाद रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (RITES) ने इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की, जिसे मार्च 2019 में प्रस्तुत किया गया. अक्टूबर 2020 में राज्य मंत्रिमंडल ने इस रिपोर्ट को मंजूरी दी और दिसंबर 2021 में सार्वजनिक निवेश बोर्ड ने पहले चरण को हरी झंडी दी। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी घोषणा की थी. इसके लिए बजट में गोरखपुर और वाराणसी मेट्रो के लिए 100 करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए थे, लेकिन इसके बाद जमीनी स्तर पर काम आगे नहीं बढ़ पाया.
मेट्रो लाइन-1: श्याम नगर से सूबा बाजार तक
गोरखपुर मेट्रो की लाइन-1 श्याम नगर से शुरू होकर सूबा बाजार तक जाएगी. यह लाइन लगभग 16.95 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें कुल 16 स्टेशन प्रस्तावित हैं. इस रूट पर श्याम नगर, बगरदगवा, शास्त्री नगर, गोरखनाथ मंदिर, हजारीपुर, धर्मशाला, गोरखपुर रेलवे स्टेशन, विश्वविद्यालय, मोहद्दीपुर, रामगढ़ झील, एम्स, मालवीय नगर, एमएमएम इंजीनियरिंग कॉलेज, दिव्य नगर और सूबा बाजार जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं. धर्मशाला स्टेशन को इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां से दोनों लाइनें जुड़ेंगी.
मेट्रो लाइन-2: गुलरिहा से कचहरी चौराहा
गोरखपुर मेट्रो की लाइन-2 गुलरिहा से कचहरी चौराहा तक प्रस्तावित है. यह रूट लगभग 10.46 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 11 स्टेशन होंगे। इस लाइन के अंतर्गत गुलरिहा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, मुगलहा, खजांची बाजार, बशारतपुर, अशोक नगर, विष्णु नगर, असुरन चौक, धर्मशाला, गोलघर और कचहरी चौराहा जैसे व्यस्त इलाके कवर किए जाएंगे. यह लाइन शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी.
गोरखपुर के विकास को मिलेगी नई दिशा
अगर गोरखपुर में मेट्रो परियोजना धरातल पर उतरती है, तो इससे शहर की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है. ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और शहर का आर्थिक व सामाजिक विकास तेज़ होगा. इकोनॉमिक सर्वे में दोबारा मेट्रो का जिक्र आने से यह संकेत मिलता है कि सरकार इस योजना को फिर से गति देने की तैयारी में है. अब गोरखपुर की जनता को उम्मीद है कि यह सपना जल्द ही हकीकत बनेगा.
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