13 से 36 लाख करोड़ तक पहुँची यूपी की अर्थव्यवस्था, CM योगी बोले- बिना नया टैक्स लगाए बढ़ा विकास

CM Yogi: व्यापारियों के सामने भी असुरक्षा और अव्यवस्था का माहौल बना दिया गया था. मुख्यमंत्री का कहना था कि इन कारणों से प्रदेश में बेरोजगारी, हताशा और एमएसएमई क्षेत्र में गिरावट देखने को मिली.

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14 Feb 2026
( Updated: 14 Feb 2026
04:51 PM )
13 से 36 लाख करोड़ तक पहुँची यूपी की अर्थव्यवस्था, CM योगी बोले- बिना नया टैक्स लगाए बढ़ा विकास
Image Source: Social Media

UP: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी  आदित्यनाथ  ने विधानसभा में बोलते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा.उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक दौर में किसानों की हालत बिगड़ी, लेकिन बाद की सरकारों ने भी हालात सुधारने के बजाय उन्हें और कमजोर कर दिया. उनके अनुसार, किसान जो कभी देश का मजबूत उत्पादक था, उसे कर्ज के बोझ तले दबा दिया गया. कारीगर और छोटे उद्यमी, जिनके हुनर से गांव और शहर जुड़े रहते थे, वे निराश होकर पलायन को मजबूर हुए। व्यापारियों के सामने भी असुरक्षा और अव्यवस्था का माहौल बना दिया गया था. मुख्यमंत्री का कहना था कि इन कारणों से प्रदेश में बेरोजगारी, हताशा और एमएसएमई क्षेत्र में गिरावट देखने को मिली.

बदली आर्थिक तस्वीर

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले आठ-नौ वर्षों में राज्य की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल गई है. उन्होंने बताया कि कभी प्रदेश की जीएसडीपी करीब 13 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच चुकी है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए राजकोषीय घाटे को 3 प्रतिशत से नीचे रखा है. टैक्स चोरी और राजस्व लीकेज पर नियंत्रण से आय में वृद्धि हुई है, और खास बात यह है कि बिना कोई नया टैक्स लगाए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया गया है.

किसानों के लिए नई कृषि नीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई और स्पष्ट कृषि नीति ने किसानों की स्थिति मजबूत की है. पहले जहां लागत ज्यादा और उत्पादन कम था, वहीं अब कम लागत में अधिक उत्पादन संभव हुआ है. बिचौलियों की भूमिका कम कर दी गई है और डीबीटी के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का पैसा सीधे बैंक खातों में दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश आज खाद्यान्न उत्पादन और गन्ना उत्पादन में देश में अग्रणी है. दुग्ध उत्पादन में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ा है.
गन्ना किसानों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले अब रिकॉर्ड भुगतान सीधे किसानों को किया जा रहा है. एथेनॉल उत्पादन में भी प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है, जिससे चीनी मिलें घाटे से बाहर आकर लाभ की स्थिति में पहुंची हैं.

सिंचाई और आधारभूत ढांचे पर जोर

मुख्यमंत्री ने ‘हर खेत को पानी’ के लक्ष्य का जिक्र करते हुए बताया कि नहरों, पाइपलाइन और माइक्रो इरिगेशन के जरिए सिंचाई व्यवस्था मजबूत की गई है. कई बड़ी सिंचाई परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं. किसानों को निजी नलकूपों के लिए मुफ्त बिजली की सुविधा भी दी जा रही है.साथ ही कृषि अनुसंधान और बीज विकास के लिए नए संस्थानों की स्थापना की जा रही है, जिससे खेती को आधुनिक और लाभकारी बनाया जा सके.

एमएसएमई और ओडीओपी से नया आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री ने एक जिला–एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे कारीगरों और छोटे उद्यमियों को नई पहचान मिली है. स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा रहा है. पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए ‘लोकल टू ग्लोबल’ की सोच को आगे बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कई उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है.

समग्र विकास का दावा

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अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब किसानों, कारीगरों और व्यापारियों को विकास की मुख्यधारा में लाया गया है. कृषि अर्थव्यवस्था को गति देने, उद्योगों को बढ़ावा देने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से उत्तर प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है. उनके अनुसार, आज प्रदेश में निवेश का माहौल सकारात्मक है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है.

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