UP Budget 2026: महिला सशक्तिकरण को बजट का मजबूत सहारा, अब मिलेगा बिना ब्याज ऋण, 200 करोड़ से बढ़ेगा ‘लखपति दीदी’ अभियान
UP Budget 2026: इस योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को लघु उद्यम स्थापित करने के लिए आसान, ब्याज मुक्त और चरणबद्ध पूंजी उपलब्ध कराना है. सरकार का फोकस महिलाओं को ऋण निर्भरता से मुक्त कर स्वावलंबी उद्यमी बनाने पर है, ताकि ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि हो और ‘लखपति दीदी’ लक्ष्य को नई रफ्तार मिले.
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UP Budget 2026: योगी सरकार ने 2026-27 के बजट में महिला सशक्तिकरण को विकास का केंद्र बनाया है. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने से लेकर महिलाओं को उद्यमिता की मुख्यधारा में लाया जा रहा है. उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 200 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है. इस योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को लघु उद्यम स्थापित करने के लिए आसान, ब्याज मुक्त और चरणबद्ध पूंजी उपलब्ध कराना है. सरकार का फोकस महिलाओं को ऋण निर्भरता से मुक्त कर स्वावलंबी उद्यमी बनाने पर है, ताकि ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि हो और ‘लखपति दीदी’ लक्ष्य को नई रफ्तार मिले.
शत-प्रतिशत महिलाएं करेंगी संचालन, तीन वर्षों तक किराया सरकार वहन करेगी
महिलाओं द्वारा उत्पादित सामान की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के तहत 100 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया जा रहा है.
स्टेशन और एयरपोर्ट पर मिलेंगी दुकानें
इसके अंतर्गत रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट और बड़े बाजारों में शोरूम/दुकानें तीन वर्ष के लिए किराये पर ली जाएंगी. इनका संचालन शत-प्रतिशत महिलाओं द्वारा किया जाएगा. शुरुआती तीन वर्षों तक किराया सरकार वहन करेगी, इसके बाद स्वयं सहायता समूह और महिला उद्यमी आगे जिम्मेदारी संभालेंगी.
मिशन शक्ति
मिशन शक्ति योजना के तहत महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर बहुत जोर दिया गया है, खासकर यूपी में यह राज्य स्तर की एक प्रमुख पहल है. मिशन शक्ति केंद्र हर पुलिस थाने में स्थापित हैं (प्रदेश में कुल 1,600+ केंद्र) यहां महिलाओं को तुरंत मदद मिलती है. महिला पुलिसकर्मी गांव-गांव, वार्ड-वार्ड में पेट्रोलिंग करती हैं. वो महिलाओं से सीधे बात करती हैं, उनकी समस्याएं सुनती हैं और छोटी-मोटी शिकायतों का तुरंत निस्तारण करती हैं. सार्वजनिक जगहों, बाजारों, बस स्टैंड, स्कूल-कॉलेज के आसपास महिला पुलिस और स्क्वॉड तैनात रहते हैं. सीसीटीवी, फुट पेट्रोलिंग और PRV-112 वाहन बढ़ाए गए हैं ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें.
निराश्रित महिलाओं का भी रखा ध्यान
निराश्रित महिलाएं जिनमें विधवा, तलाकशुदा या कोई सहारा न होने वाली महिलाएं शामिल हैं उनके के लिए मुख्य रूप से पेंशन योजना पर फोकस किया गया है. यह निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत आता है, जो महिला एवं बाल विकास विभाग चलाता है. ऐसी महिलाओं के लिए पेंशन और अन्य कल्याणकारी सहायता का प्रावधान मजबूत किया गया है. बजट में बुजुर्ग या असहाय महिलाओं के लिए पेंशन बढ़ोतरी या बेहतर व्यवस्था का जिक्र है.
मुख्यमंत्री सुमंगला योजना
महिला सामर्थ्य योजना और मुख्यमंत्री सुमंगला योजना को जारी रखा गया है. सुमंगला योजना में अब तक लाखों बालिकाओं को लाभ मिल चुका है, और बजट में इसके लिए और फंडिंग का इंतजाम है.
कामकाजी महिलाओं के लिए गर्ल्स हॉस्टल
कामकाजी महिलाओं के लिए गर्ल्स हॉस्टल या महिला हॉस्टल का विस्तार हो रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में सभी जिलों में ऐसे हॉस्टल बनाने की बात है, जहां कामकाजी महिलाओं को रहने की सुविधा मिले. हालांकि यह केंद्र बजट से जुड़ा भी हो सकता है, लेकिन यूपी बजट में भी इसका सपोर्ट है.
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