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बीफ खाने का दबाव बनाया, माथे से तिलक मिटवाया... बंगाल चुनाव से पहले कांग्रेस नेता ‘विक्टर’ पर पत्नी ने लगाया सनसनीखेज आरोप
बंगाल चुनाव से पहले कांग्रेस नेता इमरान अली ‘विक्टर’ विवादों में घिर गए हैं. उनकी पत्नी प्रियांजलि नियोगी ने जबरन धर्म परिवर्तन, मारपीट और प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है.
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पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं. इसी बीच कांग्रेस पार्टी के लिए एक विवादित मामला सामने आया है, जो चुनावी माहौल में उसकी छवि को नुकसान पहुंचा सकता है.
पत्नी प्रियांजलि नियोगी के गंभीर आरोप
उत्तर दिनाजपुर के चाकुलिया से पूर्व विधायक और वर्तमान कांग्रेस नेता इमरान अली रामज उर्फ ‘विक्टर’ पर उनकी पत्नी प्रियांजलि नियोगी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रियांजलि का कहना है कि विक्टर ने पहले उनसे प्रेम विवाह किया, लेकिन बाद में उन पर निकाह करने और इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन बीफ खाने के लिए मजबूर किया गया और इसका विरोध करने पर मारपीट की गई. इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि उन्हें मंदिर जाने से रोका गया और यदि वे मंदिर जाती थीं तो उन्हें टीका हटाने के लिए मजबूर किया जाता था.
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मारपीट का CCTV वीडियो सामने आया
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प्रियांजलि नियोगी ने इमरान अली पर शारीरिक हिंसा के आरोप लगाते हुए एक कथित सीसीटीवी फुटेज भी सार्वजनिक किया है. उनका कहना है कि यह वीडियो उनके साथ हुई मारपीट का सबूत है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विक्टर कई गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल हैं, जिनके उनके पास प्रमाण मौजूद हैं.
19 साल की उम्र में शादी
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प्रियांजलि के मुताबिक, उन्होंने 19 साल की उम्र में परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी की थी. उनका आरोप है कि गर्भवती होने के बाद राजनीतिक नुकसान के डर से विक्टर ने शादी को स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि शादी के बाद उनका नाम बदल दिया गया और विरोध करने पर उनके साथ हिंसा की गई। प्रियांजलि का दावा है कि एक बार उनके पेट पर हमला किया गया, जिससे उनका गर्भपात हो गया।
आर्थिक शोषण के आरोप
प्रियांजलि ने विक्टर और उनकी मां पर दहेज मांगने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनकी बहन से 50–60 लाख रुपये और जेवर लिए गए. उन्होंने यह भी कहा कि एक फ्लैट खरीदने में उनकी बहन ने आर्थिक मदद की, लेकिन बाद में उन्हें उसी घर से निकाल दिया गया, जबकि फ्लैट उनके नाम पर था. प्रियांजलि का आरोप है कि उन्होंने कई बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में उनकी शिकायत नहीं ली गई. बाद में अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन तब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. जनवरी 2024 में उन्होंने दोबारा इमरान और उनकी मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई.
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धमकी और दबाव के आरोप
प्रियांजलि ने आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार धमकाया गया और जबरन एक समझौता (एमओयू) साइन करवाया गया, जिसमें उनके पैसे, फ्लैट और जेवर छीन लिए गए. उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में जब वह अपने बच्चे को लेने गईं, तो उनके साथ फिर मारपीट की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई.
कांग्रेस नेतृत्व से कार्रवाई की मांग
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प्रियांजलि नियोगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को ईमेल कर पूरे मामले की जानकारी दी है और इमरान अली ‘विक्टर’ को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी इस मामले में हस्तक्षेप के लिए ईमेल भेजा है. इमरान अली ‘विक्टर’ 2011 से 2021 तक फॉरवर्ड ब्लॉक के टिकट पर चाकुलिया से विधायक रहे हैं. 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद अक्टूबर 2022 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी जॉइन की. वर्तमान में दोनों के बीच तलाक का मामला चल रहा है। प्रियांजलि नियोगी लगातार न्याय की मांग कर रही हैं और उन्होंने खुद को खतरे में बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है.
बता दें कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गर्म हो रहा है. यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है और वे सही पाए जाते हैं, तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है. फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन और पार्टी नेतृत्व की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.
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