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दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में बाहुबली विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत, पटना HC से मिली जमानत
बिहार की मोकामा सीट से जेडीयू विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्या मामले में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली. जल्द कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनकी रिहाई हो सकती है, जिससे समर्थकों में खुशी है.
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Anant Singh Bail: बिहार की राजनीति से जुड़ी हुई इस समय एक बड़ी खबर सामने आ रही है. मोकामा से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. लंबे समय से कानूनी मामलों में उलझे अनंत सिंह को इस फैसले से बड़ी राहत मिली है. जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों और विधानसभा क्षेत्र में खुशी का माहौल देखा जा रहा है.
दुलारचंद हत्या मामले में मिली राहत
दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव हत्या मामले में अनंत सिंह को जमानत दी गई है. यह मामला पिछले काफी समय से चर्चा में बना हुआ था. अदालत ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और उसके बाद जमानत देने का फैसला सुनाया. हालांकि, जमानत किन शर्तों पर दी गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है. बताया जा रहा है कि अब जल्द जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अनंत सिंह जेल से रिहा किया जाएगा. फिलहाल वे पटना के बेऊर जेल में बंद हैं.
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पहले खारिज हो चुकी थी जमानत याचिका
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जानकारी देते चलें कि इससे पहले एमपी-एमएलए कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद अनंत सिंह ने हाईकोर्ट का रुख किया था. अब हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उनके लिए कानूनी स्थिति कुछ आसान होती नजर आ रही है. अब जमानत की खबर मिलते ही मोकामा और आसपास के इलाकों में उनके समर्थकों ने खुशी जाहिर की.
पहले भी रहे चर्चा में
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गौरतलब है कि दुलारचंद यादव हत्या मामले में अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था. उन्हें 1 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद से वे जेल में थे. खास बात यह है कि उन्होंने जेल में रहते हुए ही विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इतना ही नहीं, वे जेल से बाहर आकर विधानसभा में शपथ लेने और राज्यसभा चुनाव में मतदान करने भी पहुंचे थे.
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बताते चलें कि पटना की जेल से राज्यसभा चुनाव में मतदान करने कड़ी सुरक्षा के साथ पहुंचे अनंत सिंह ने मीडिया से बात करते समय ही इस बात का संकेत दिया था कि एक महीने के अंदर वो जेल से बाहर होंगे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे तो अब वो भी अगली बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे.