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'पाकिस्तान गद्दार है’ के नारों से गूंजा कश्मीर, इस्लामाबाद की मस्जिद में आत्मघाती हमले के बाद लोगों में भारी आक्रोश

इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले में 30 से अधिक नमाजियों की मौत और करीब 170 घायल हुए. इस घटना के विरोध में कश्मीर घाटी के शिया बहुल इलाकों में पाकिस्तान सरकार और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुए.

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पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले ने न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि पूरे दक्षिण एशिया को झकझोर कर रख दिया है. इस हमले के विरोध में अब कश्मीर घाटी के शिया बहुल इलाकों में भी जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है. घाटी के कई हिस्सों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे और पाकिस्तान, उसकी सरकार और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. लोगों का कहना है कि निर्दोष नमाजियों को निशाना बनाना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

आत्मघाती हमले में 30 लोगों की हुई थी मौत

शुक्रवार को इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित इमामबाड़ा खदीजात-उल-कुबरा को एक आत्मघाती हमलावर ने निशाना बनाया. इस भीषण विस्फोट में 30 से अधिक शिया नमाजियों की मौत हो गई, जबकि करीब 170 लोग घायल हो गए. हमला उस वक्त हुआ जब बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा कर रहे थे. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और गुस्से का माहौल बन गया.

पाकिस्तान के खिलाफ लोगों में आक्रोश 

हमले की खबर फैलते ही कश्मीर घाटी के शिया बहुल इलाकों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. शुक्रवार देर शाम बांदीपोरा जिले के सुंबल इलाके और बारामूला जिले के पट्टन में लोग सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने 'पाकिस्तान मुर्दाबाद और जो पाकिस्तान का यार है गद्दार है' जैसे नारे लगाए. कुछ जगहों पर गुस्साए लोगों ने सऊदी अरब और इजरायल के खिलाफ भी नारेबाजी की. यह आक्रोश इस बात को बताता है कि लोग इस हमले को सिर्फ एक आतंकी घटना नहीं, बल्कि शिया समुदाय पर सीधा हमला मान रहे हैं.

हिंदुस्तान ज़िंदाबाद के नारों संग कश्मीरी मुस्लिमों ने किया प्रदर्शन 

पाकिस्तान के खिलाफ उमड़ते गुस्से के बीच कई जगहों पर भारत समर्थक नारे भी सुनाई दिए. 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाकर लोगों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वे आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं. ऑल जम्मू एंड कश्मीर शिया एसोसिएशन ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की. संगठन की ओर से कहा गया कि चिनबल, पट्टन यूनिट ने पाकिस्तान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और हमले के दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की. शनिवार को बारामूला जिले के हंजीवेरा में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए. सैकड़ों लोग हाथों में तिरंगा लेकर राजमार्ग पर उतरे और पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए. श्रीनगर के इमामबाड़ा जादिबल और हरवान इलाकों में भी पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन देखने को मिले. लोगों ने साफ कहा कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध है.

एक साल में हुआ दूसरा बड़ा प्रदर्शन 

लद्दाख के कारगिल में भी इस आतंकी हमले को लेकर गहरा रोष देखा गया. धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने शिया नमाजियों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की. जमीयत उलेमा असना अशरिया कारगिल ने अपने बयान में पाकिस्तान सरकार से मांग की कि इस जघन्य आतंकी कृत्य के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए. साथ ही धार्मिक स्थलों की सुरक्षा मजबूत करने पर भी जोर दिया गया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. जानकारी देते चलें कि पिछले एक साल में कश्मीर में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शनों की यह दूसरी बड़ी घटना है. इससे पहले पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भी कश्मीर भर में विरोध प्रदर्शन हुए थे, जब पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी. हालांकि इस बार ये प्रदर्शन मुख्य रूप से शिया बहुल इलाकों तक ही सीमित रहे.

भारत सरकार ने भी की है हमले कि निंदा 

इस बीच भारत ने भी इस्लामाबाद की मस्जिद में हुए आत्मघाती बम हमले की कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और पाकिस्तान द्वारा भारत पर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया. भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं और आतंकवाद के खिलाफ गंभीरता से कदम उठाने चाहिए, न कि दूसरों पर दोष मढ़ना चाहिए.

बताते चलें कि इस्लामाबाद में हुए इस आत्मघाती हमले ने कश्मीर से लेकर कारगिल तक गुस्से की लहर पैदा कर दी है. लोग चाहते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई हो और निर्दोष लोगों की जान लेने वालों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए.

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