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हरियाणा सरकार का बड़ा कदम! कामकाजी महिलाओं के लिए हर जिले में हॉस्टल और क्रेच सेंटर

Haryana: अब प्रदेश के सभी जिलों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे, ताकि वे अपने कार्यस्थल के करीब सुरक्षित और सुविधाजनक आवास पा सकें. साथ ही, उनके छोटे बच्चों के लिए क्रेच सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे.

Image Source: Nayab Saini x Post
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Haryana: हरियाणा सरकार ने कामकाजी महिलाओं और उनके बच्चों के कल्याण के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू करने का निर्णय लिया है. अब प्रदेश के सभी जिलों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे, ताकि वे अपने कार्यस्थल के करीब सुरक्षित और सुविधाजनक आवास पा सकें. साथ ही, उनके छोटे बच्चों के लिए क्रेच सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं अपने काम और परिवार दोनों को सहजता से संतुलित कर सकें.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह घोषणा हरियाणा विजन-2047 के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की आगामी पांच वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में की. उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में महिला सशक्तीकरण सूचकांक तैयार किया जाए. इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि किन जिलों में महिलाओं के लिए सुविधाओं की कमी है और वहां सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जाएं.

बच्चों के विकास और प्रतियोगिताओं पर जोर

बच्चों के समग्र विकास पर भी खास ध्यान दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बच्चा अपनी आयु के अनुरूप शारीरिक और मानसिक माइलस्टोन पूरी कर रहा है या नहीं, यह जांचने के लिए विभिन्न गतिविधियां शुरू की जाएं. इसके तहत हर आयु वर्ग के बच्चों के लिए बेबी शो और स्वास्थ्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा. इन प्रतियोगिताओं में विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा, जिससे बच्चों में प्रतिस्पर्धा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़े.
इन कार्यक्रमों में समाज, परिवार और सरकार के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा. इसका उद्देश्य केवल बच्चों का विकास नहीं, बल्कि समाज में बच्चों और माताओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना भी है.

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बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा व स्वास्थ्य

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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बेटियों की जन्मदर बढ़ाने और लिंगानुपात को सुधारने के लिए विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश में लिंगानुपात को राष्ट्रीय औसत 933 से ऊपर ले जाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी.
महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. अनीमिया जांच का लक्ष्य बढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आवश्यक सप्लीमेंट्स उपलब्ध करवाए जाएंगे. इसके अलावा तीन साल तक के बच्चों और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए विशेष पोषण सामग्री प्रदान करने की व्यवस्था भी की जाएगी.

आंगनबाड़ी वर्कर्स का प्रशिक्षण और उपकर

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प्रदेश में 25,962 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं. इन केंद्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी वर्कर्स और सहायकों को महिलाओं और बच्चों से संबंधित कई प्रकार का डेटा ऑनलाइन दर्ज करना होता है. इसलिए उनकी योग्यता बढ़ाने और आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए विभाग ने विशेष प्रस्ताव तैयार किया है.
इसके साथ ही आंगनबाड़ी वर्कर्स और सहायकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे बच्चों और महिलाओं को बेहतर सेवा दे सकें.

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हरियाणा सरकार का यह प्रयास केवल सुविधाएं बढ़ाने तक सीमित नहीं है. इसका मकसद महिलाओं और बच्चों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना है, जिससे उनका स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. साथ ही, यह योजना प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण और बच्चों के समग्र विकास को नई दिशा देने में मदद करेगी.

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