UP के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! होली से पहले मिल सकती है सैलरी-पेंशन
UP: राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने की तैयारी कर रही है. आम तौर पर फरवरी महीने का वेतन एक मार्च को दिया जाता है, लेकिन इस बार हालात थोड़े अलग हैं
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Uttar Pradesh Government Employees: इस साल होली मार्च के पहले ही सप्ताह में पड़ रही है. ऐसे में राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने की तैयारी कर रही है. आम तौर पर फरवरी महीने का वेतन एक मार्च को दिया जाता है, लेकिन इस बार हालात थोड़े अलग हैं. एक मार्च को रविवार पड़ रहा है और उसके तुरंत बाद होली का त्योहार है. ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि कर्मचारियों को त्योहार के समय पैसों की कमी का सामना करना पड़े. इसी वजह से वेतन और पेंशन फरवरी के आखिरी सप्ताह में ही देने की योजना बनाई जा रही है.
सरकार का मानना है कि होली जैसे बड़े त्योहार पर अगर समय से वेतन मिल जाए तो कर्मचारी बिना किसी चिंता के अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकते हैं. त्योहारों के समय खर्च भी बढ़ जाता है, घर की खरीदारी, बच्चों के कपड़े, मिठाई, रंग-गुलाल और आने-जाने के खर्च. अगर वेतन समय पर न मिले तो परेशानी हो सकती है. इसलिए सरकार इस बार पहले से तैयारी कर रही है.
फरवरी के अंत में मिल सकता है वेतन
नियम के अनुसार फरवरी का वेतन एक मार्च को दिया जाना है. लेकिन इस बार संभावना है कि 26 या 27 फरवरी को ही वेतन जारी कर दिया जाए. विधानमंडल का बजट सत्र समाप्त होने के बाद सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया जा सकता है.
सूत्रों के अनुसार वित्त विभाग ने इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी है. अगर आदेश जारी हो जाता है तो सरकारी कर्मचारियों के खातों में फरवरी का वेतन महीने के आखिरी सप्ताह में ही पहुंच जाएगा. इससे उन्हें त्योहार की तैयारियों के लिए समय भी मिलेगा और आर्थिक रूप से राहत भी मिलेगी.
पेंशनरों को भी मिलेगा फायदा
सिर्फ कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि पेंशनरों को भी इस फैसले से लाभ मिलने की उम्मीद है. पेंशन भी आमतौर पर महीने की शुरुआत में दी जाती है, लेकिन इस बार उसे भी पहले जारी किया जा सकता है. बुजुर्ग पेंशनरों के लिए त्योहार के समय समय पर पैसा मिलना बहुत जरूरी होता है. दवाइयों, घर के खर्च और त्योहार की जरूरतों के लिए उन्हें नियमित आय पर निर्भर रहना पड़ता है.
अगर पेंशन भी फरवरी के अंत में मिल जाती है तो उन्हें भी किसी तरह की आर्थिक चिंता नहीं होगी. सरकार का उद्देश्य यही है कि किसी भी कर्मचारी या पेंशनर की होली पैसों की कमी के कारण फीकी न पड़े.
त्योहार और प्रशासनिक तैयारी
होली देश का एक बड़ा और खुशियों भरा त्योहार है. ऐसे समय में प्रशासन भी चाहता है कि कर्मचारी पूरी खुशी के साथ त्योहार मनाएं. वेतन समय से पहले देने का फैसला प्रशासनिक स्तर पर भी सकारात्मक माना जा रहा है. इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है और सरकार के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है.
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