मुस्लिम आरक्षण से लेकर एआई समिट तक, प्रवीण खंडेलवाल ने विपक्ष पर साधा निशाना
भाजपा सांसद ने आगे कहा कि यह समिट केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल यात्रा का अगला बड़ा चरण है, जहां एआई का उपयोग व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स और शासन जैसे क्षेत्रों में तेज, पारदर्शी और जनहितकारी बदलाव लाने के लिए हो रहा है.
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भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वे भी अन्य विपक्षी दलों की तरह संभावित हार से पहले भूमिका बनाने में जुट गई हैं ताकि जब विधानसभा चुनाव में हार हो तो बहाना पहले से ही तैयार रहे.
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने चुनाव आयोग पर दिए गए बयान पर कहा कि ममता बनर्जी को अब विपक्षी पार्टियों की तरह आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में शामिल होने की आदत हो गई है. वह जानती हैं कि पिछले पांच सालों में पश्चिम बंगाल में उन्होंने जिस तरह का शासन दिया है, उसकी आलोचना हुई है. इस बार पश्चिम बंगाल से उनकी सरकार की विदाई की संभावना को देखते हुए भूमिका बनाई जा रही है.
मुस्लिम आरक्षण पर प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र सरकार के 5 प्रतिशत मुस्लिम कोटा रद्द करने पर प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि आरक्षण की क्या जरूरत है.आरक्षण उन लोगों को मिलना चाहिए, जिन्हें सच में इसकी जरूरत है, जिनके पास साधन हैं या साधन नहीं हैं. जिनके पास साधन हैं, चाहे वे किसी भी वर्ग के हों, उन्हें आरक्षण से दूर रखना चाहिए.
घुसपैठियों पर सख्त रुख
भाजपा सांसद ने कहा कि देश में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वे बेकार हैं. वे हमारे देश के रिसोर्स का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, जिससे समाज का एक बड़ा हिस्सा वंचित रह जाता है. इसी कारण घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए.
एआई समिट और राहुल गांधी पर टिप्पणी
एआई समिट को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी अब पॉलिटिकली बेरोजगार हैं, और इस वजह से उनका एकमात्र फोकस विवाद खड़ा करना और बेबुनियाद बयान देना रह गया है. अभी, दिल्ली में हो रहा एआई समिट प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 1 जुलाई, 2015 को डिजिटल इंडिया कैंपेन शुरू करने के समय रखी गई नींव पर बना है. आज, उस पहल की सफलता एआई समिट में दिख रही है.
भाजपा सांसद ने आगे कहा कि यह समिट केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल यात्रा का अगला बड़ा चरण है, जहां एआई का उपयोग व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स और शासन जैसे क्षेत्रों में तेज, पारदर्शी और जनहितकारी बदलाव लाने के लिए हो रहा है. आज दुनिया देख रही है कि भारत सिर्फ तकनीक अपनाने वाला नहीं, बल्कि तकनीक का नेतृत्व करने वाला देश बन रहा है.
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