Advertisement
रामपुर तिराहा गोलीकांड की बरसी पर शहीद स्मारक पहुंचे CM धामी, बोले- उनके सपनों का उत्तराखंड बनाएंगे
सीएम धामी ने रामपुर तिराहा गोलीकांड के शहीदों को किया नमन, बोले- "आज 2 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा गोलीकांड की बरसी है. उत्तराखंड राज्य की प्राप्ति के लिए, उत्तराखंड के लिए संघर्ष करने वाले मैं उन सभी शहीदों को नमन करता हूं,
Advertisement
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को रामपुर गोलीकांड की बरसी पर देहरादून कचहरी स्थित शहीद स्मारक पहुंचे, जहां राज्य निर्माण आंदोलन में सर्वोच्च बलिदान देने वाले राज्य आंदोलनकारियों को पुष्प चक्र अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी.
रामपुर तिराहा गोलीकांड की बरसी पर शहीद स्मारक पहुंचे सीएम धामी
सीएम धामी ने कहा, "आज 2 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा गोलीकांड की बरसी है. उत्तराखंड राज्य की प्राप्ति के लिए, उत्तराखंड के लिए संघर्ष करने वाले मैं उन सभी शहीदों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने प्राणों का बलिदान करके हम सभी को उत्तराखंड राज्य दिलाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देकर मार्ग प्रसस्त किया. हम ये संकल्प लेते हैं कि उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड बनाएंगे."
Advertisement
Advertisement
मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार शहीदों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड का निर्माण करने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है और प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दी जा रही है.
Advertisement
'शहीदों के सपनों के अनुरूप बनाएंगे उत्तराखंड'
उन्होंने महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ाने, रोजगार के अवसर प्रदान करने तथा सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने जैसे कई महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख किया. सीएम धामी ने कहा कि जब तक उत्तराखंड देश का नंबर वन राज्य नहीं बन जाता, तब तक सरकार बिना रुके और बिना थके पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी.
इस अवसर पर उन्होंने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू ने हमें सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया, जबकि शास्त्री जी ने 'जय जवान, जय किसान' का नारा देकर देशवासियों में आत्मविश्वास जगाया.
Advertisement
यह भी पढ़ें
धामी ने कहा, "आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और हमारे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती है. मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. जहां बापू ने हमें 'सत्याग्रह' और अहिंसा का मार्ग दिखाया, वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने अपने नारे 'जय जवान, जय किसान' का नारा देकर सभी के अंदर आत्मविश्वास भरा, ऊर्जा दी व आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. मैं उनके प्रति सम्मानपूर्वक नमन करता हूं."