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Deepotsav 2026: रामनगरी में दीपोत्सव का डबल धमाका, बाजारों में उमड़ी भीड़, छोटे दुकानदारों की हुई चांदी; कमाई तीन गुना बढ़ी

Deepotsav 2026: दीपोत्सव की तैयारियां देखने राम की पैड़ी और घाटों पर पहुंच रहे लोग चाय की चुस्की ले रहे हैं, समोसे का स्वाद चख रहे हैं और झालमुड़ी का आनंद उठा रहे हैं. इसका सीधा फायदा घाटों पर रेहड़ी लगाने वाले छोटे दुकानदारों को मिल रहा है.

Image Source: UP Information Department
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CM Yogi: रामनगरी में दीपोत्सव की रोशनी अभी पूरी तरह जगमगाने में दो दिन बाकी हैं, लेकिन इसकी चमक छोटे दुकानदारों की जेब तक पहुंचने लगी है.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नव्य, भव्य और दिव्य अयोध्या में आयोजित हो रहे दीपोत्सव ने स्थानीय कारोबार को नई ऊर्जा दी है. राम मंदिर निर्माण, व्यापक विकास कार्यों और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. दीपोत्सव की तैयारियां देखने राम की पैड़ी और घाटों पर पहुंच रहे लोग चाय की चुस्की ले रहे हैं, समोसे का स्वाद चख रहे हैं और झालमुड़ी का आनंद उठा रहे हैं. इसका सीधा फायदा घाटों पर रेहड़ी लगाने वाले छोटे दुकानदारों को मिल रहा है. सामान्य दिनों में 800 से 1000 रुपये प्रतिदिन कमाने वाले दुकानदारों की आमदनी इन दिनों 2800 से 3200 रुपये तक पहुंच गई है. यानी दीपोत्सव की तैयारियों ने उनकी रोजाना कमाई को करीब तीन गुना कर दिया है.

घाटों पर बढ़ी रौनक, छोटे कारोबारियों के चेहरे खिले

अयोध्या में इस बार 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने के लक्ष्य के साथ दीपोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं. राम की पैड़ी से लेकर आसपास के घाटों तक आयोजन की भव्यता देखने के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है. शाम होते ही घाटों पर बढ़ती भीड़ स्थानीय दुकानदारों के लिए कारोबार का अवसर बन रही है. परिवार के साथ घूमने आए लोग कुछ देर घाटों पर ठहरते हैं तो चाय, समोसा और झालमुड़ी की मांग भी बढ़ जाती है. दीपोत्सव के मुख्य आयोजन से पहले ही बिक्री में आए उछाल ने छोटे दुकानदारों को उत्साहित कर दिया है. सात नवंबर को श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है..

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समोसे की बिक्री ने गोंडा के रोहित शुक्ला की कमाई को दी नई रफ्तार

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गोंडा निवासी रोहित शुक्ला घाटों पर समोसा बेचते हैं. दीपोत्सव की तैयारियों के बीच उनके कारोबार में तेजी आई है... रोहित बताते हैं कि सामान्य दिनों में वह प्रतिदिन करीब 700 से 900 रुपये तक कमा पाते थे. पिछले एक-दो दिनों से उनकी कमाई बढ़कर 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गई है.. श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के कारण समोसों की बिक्री में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है. रोहित के लिए दीपोत्सव केवल एक बड़ा आयोजन नहीं, बल्कि रोजाना की कमाई बढ़ाने का अवसर भी बन गया है. उन्हें उम्मीद है कि मुख्य आयोजन के दौरान कारोबार और बेहतर होगा.

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झालमुड़ी की बिक्री से रविन्द्र कुमार कनौजिया को मिल रहा लाभ

अयोध्या के रुदौली निवासी रविन्द्र कुमार कनौजिया घाटों पर झालमुड़ी बेचते हैं. दीपोत्सव की तैयारियों के बीच लोगों की बढ़ती आवाजाही से उनकी बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. रविन्द्र बताते हैं कि सामान्य दिनों की तुलना में इन दिनों झालमुड़ी की मांग काफी बढ़ गई है. उनकी प्रतिदिन की आमदनी भी दो से तीन गुना तक बढ़ रही है. घाटों पर घूमने आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक झालमुड़ी खरीद रहे हैं. दीपोत्सव के मुख्य आयोजन में भीड़ बढ़ने के साथ कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद है.

चाय की चुस्की के साथ प्रेम कुमार भट्ट की आमदनी में भी मिठास

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अयोध्या के सिकंदरपुर चौरी निवासी प्रेम कुमार भट्ट चाय बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं. दीपोत्सव की तैयारियों के बीच घाटों पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से उनके कारोबार में भी उछाल आया है. प्रेम कुमार बताते हैं कि सामान्य दिनों में वह प्रतिदिन करीब 700 से 800 रुपये कमाते थे, लेकिन इन दिनों उनकी आमदनी दो से तीन गुना तक बढ़ गई है. घाटों पर तैयारियां देखने पहुंच रहे लोगों के बीच चाय की मांग बढ़ने से उनकी बिक्री में इजाफा हुआ है. सात नवंबर को दीपोत्सव के मुख्य आयोजन के दौरान कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है.

रामनगरी के विकास से छोटे कारोबारियों तक पहुंच रही समृद्धि

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राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार और आधारभूत सुविधाओं का विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहा है. दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजन इस बदलाव को और मजबूत कर रहे हैं. होटल, परिवहन, खानपान से लेकर घाटों पर रेहड़ी लगाने वाले छोटे कारोबारियों तक पर्यटकों की बढ़ती संख्या का लाभ पहुंच रहा है.

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