ICC का बड़ा फैसला, टाइम वेस्टिंग पर सख्ती, ओवरथ्रो से लेकर वाइड तक बदले नियम
ICC ने 1 अक्टूबर को ODI वर्ल्ड कप 2027 का शेड्यूल जारी किया, पर उससे पहले ICC की तरफ से क्रिकेट के नए नियम भी जारी किए गएं, जो की 1 अक्टूबर से ही लागू होगें, पर ये नियम उन सीरीज पर लागू नहीं होगें जो 1 अक्टूबर के पहले से चल रहे हैं.
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ICC के अनुसार इन नियमों से वह क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट्स में एक जैसी व्यवस्था बनाना चाहती है. इन नियमों से खेल की गति बेहतर होगी और मौजूदा नियमों में स्पष्टता आएगी. यह नए नियम मैंस क्रिकेट के साथ-साथ वीमैंस क्रिकेट के लिए भी हैं. इन नए नियमों में सबसे ज्यादा जोर समय की बर्बादी को रोकने वाले नियम पर दिया गया है, और सबसे ज्यादा चर्चा में भी यही नियम है. इसके अलावा और भी कई नियम ICC द्वारा जारी किए गए हैं. चलिए एक-एक करके इन नियमों को समझते हैं.
सभी फॉर्मेट्स पर लागू होने वाले नियम
सबसे ज्यादा चर्चा में जो नियम है. वो बल्लेबाजों द्वारा समय की बर्बादी को रोकने के लिए बनाया गया है. पहले तो इसको लेकर कोई सख्त नियम नहीं था. पर नए नियम के अनुसार अगर कोई बल्लेबाज तय समय के अंदर गेंद खेलने के लिए तैयार नहीं होता है तो उसपर पेनल्टी लगेगी, हालांकि ऐसा करने पर उसे पहली वार्निंग दी जाएगी, अगर बल्लेबाज ने फिर से वही गलती की तो उसे दूसरी बार फाइनल वार्निंग दी जाएगी और तीसरी बार की गलती पर पेनल्टी लगाइ जाएगी। और इस पेनल्टी के तहत फील्डिंग टीम को फ्री के 5 रन मिल जाएंगे। उसके बाद जितनी बार भी ऐसा होगा हर बार फिल्डिंग टीम को 5 रन दिए जाएगें. इस नियम से मैच को सही समय पर खत्म करने में मदद मिलेगी और बेवजह की देरी को रोका जा सकेगा.
ओवरथ्रो के लिए भी नया नियम बनाया गया है, जो अब इन नियमों को और भी स्पष्ट करेगा, अब से ओवरथ्रो खास तौर पर उस कोशिश को कहा जाएगा जब फील्डर द्वारा बल्लेबाज को आउट करने या रन रोकने के लिए बॉल को स्टंप की तरफ फेंका जाएगा. मिसफील्डिंग यानी फील्डर द्वारा रन रोकने की कोशिश या अपनी टीम के दूसरे खिलाड़ी को गेंद पास करने को ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा. नए नियमों के अनुसार अब से स्टंपिंग या रन आउट करते समय फील्डर के पास गेंद पर पूरा कंट्रोल होना चाहिए, अगर गेंद सिर्फ फील्डर को छूती हुई स्टंप पर लगती है तो माना जाएगा की फील्डर का गेंद पर कंट्रोल नहीं था.
नए नियमों के अनुसार गेंद स्थिर है या नहीं यह डिसाइड करने का ज्यादा अधिकार अब से अंपायर के पास होगा, साथ-ही अब से गेंद के स्थिर होने के लिए गेंद का विकेटकीपर या गेंदबाज के हाथ में होना जरुरी नहीं होगा. वहीं अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में गेंद के साइज और वजन को लेकर भी सख्त नियम जारी किए गए हैं, जिसके अनुसार गेंद का वजन 142 से 149 ग्राम के बीच और गेंद की परिधि 21.5 से 22 सेंटीमीटर के बीच होनी चाहिए.
ODI और T20 I स्पेसिफिक नियम
ODI और T20 I के मैच में इनिंग ब्रेक 15 मिनट का होगा, और अगर मैच के दौरान समय का नुकसान हुआ हो तो ब्रेक का समय 15 मिनट से घटा कर 10 मिनट कर दिया जाएगा. साथ ही अब ODI और T20 I में ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान हेड कोच या उनके द्वारा चुने गए प्रतिनिधि मैदान पर आ सकेंगें. वहीं वाइड बॉल को लेकर जो नए नियम आए हैं, उसके अनुसार गेंद के फेंके जाने के वक्त बल्लेबाज के पैरों की स्थिति को आधार मानकर ही यह तय किया जाएगा की बॉल वाइड है या नहीं, फिर चाहे बाद में बल्लेबाज ऑफ साइड की तरफ ही क्यों न चला जाए, वैसे तो पहले इस नियम को ट्रायल के तौर पर लागू किया गया था, पर अब इसे ODI और T20 I के नियमों की लिस्ट में हमेशा के लिए शामिल कर दिया गया है.
टेस्ट के लिए बनाए गए नए नियम
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टेस्ट में ट्रायल के तौर पर दोपहर के मैच में रेड बॉल की जगह टीमें पिंक बॉल से खेल सकेंगीं, पर इसके लिए दोनों टीमों की सहमति चाहिए होगी. पहले खराब रोशनी के कारण तय समय से पहले मैच को खत्म करना पड़ता था, पर पिंक बॉल के इस्तेमाल से ऐसा करने से बचा जा सकेगा. वहीं अब से टेस्ट क्रिकेट के आखिरी ओवर में अगर विकेट गिरता है तो पूरा ओवर होगा, न कि पहले की तरह दिन के खेल की समाप्ति की घोषणा की जाएगी.