माउथवॉश से कुल्ला करने के बाद मुंह ताजगी भरा जरूर लगता है, लेकिन इससे दांतों पर जमी गंदगी पूरी तरह नहीं निकलती। ब्रश दांतों की सतह पर जमा गंदगी और प्लाक को हटाने में मदद करता है। वहीं दांतों के बीच फंसे खाने को साफ करने के लिए के लिए फ्लॉस या इंटरडेंटल ब्रश की जरूरत पड़ती है। इसलिए माउथवॉश को ब्रश का विकल्प मानना गलत है। इसे जरूरत के मुताबिक रोज की ओरल हाइजीन रूटीन में शामिल किया जा सकता है।
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लाइफस्टाइल24 Aug, 202601:30 PMसावधानी से करें माउथवॉश का इस्तेमाल, ये बड़ी भूल कर सकती है दांत खराब! जानें सही तरीका
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लाइफस्टाइल13 Aug, 202604:17 PMसुबह खाली पेट या रात में खाएं केला? जानें क्या है इसे खाने का सबसे सही समय
अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के अनुसार, एक केले में करीब 422 मिलीग्राम पोटैशियम और 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 होता है। पोटैशियम नसों और मांसपेशियों के काम और शरीर में पानी के संतुलन के लिए जरूरी है, जबकि विटामिन बी6 प्रोटीन के इस्तेमाल और कई एंजाइम संबंधी प्रक्रियाओं में मदद करता है। केले में कार्बोहाइड्रेट भी अच्छी मात्रा में होता है। इसी वजह से जिम जाने वाले और खिलाड़ी इसे स्नैक के तौर पर खाना पसंद करते हैं। इससे तुरंत ऊर्जा मिलती है, लेकिन सिर्फ केला खाने से शरीर की सभी पोषक जरूरतें पूरी नहीं होंगी। इसे संतुलित भोजन का एक हिस्सा मानना बेहतर है।
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लाइफस्टाइल13 Aug, 202603:37 PMखाना खाते ही भागते हैं टॉयलेट? क्या ये नॉर्मल है या कोई बीमारी...जानिए इसके पीछे का साइंस
खाना खाने के बाद जल्दी टॉयलेट जाने की इच्छा होने के पीछे शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया काम करती है। इसे डॉक्टर गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स कहते हैं। दरअसल, जब भोजन पेट में पहुंचता है, तो शरीर को संकेत मिलता है कि पाचन की प्रक्रिया आगे बढ़ानी है। इसके जवाब में, बड़ी आंत की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बड़ी आंत में पहले से मौजूद मल आगे की तरफ खिसकने लगता है, और इसी वजह से व्यक्ति को शौच जाने की इच्छा महसूस होती है। इसलिए, भोजन के तुरंत बाद टॉयलेट जाना इस बात का संकेत नहीं है कि अभी खाया गया खाना शरीर से बाहर निकल रहा है। भोजन को पाचन तंत्र से गुजरने और मल बनने में काफी समय लगता है।
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लाइफस्टाइल11 Aug, 202602:35 PMउम्र के हिसाब से बच्चे की डाइट क्या और कितनी होनी चाहिए? जानिए सही पोषण और मात्रा
बच्चों की प्लेट को जितना रंग-बिरंगा बनाया जाए, उतना ही उन्हें अलग-अलग खाद्य पदार्थ आजमाने में रुचि हो सकती है। इसे आप रेनबो प्लेट की तरह बना सकते हैं। बच्चों की प्लेट में गाजर, मटर, पालक, शकरकंद और चुकंदर जैसी सब्जियां शामिल की जा सकती हैं। फलों में केला, स्ट्रॉबेरी, नाशपाती, संतरा, खरबूजा और एवोकाडो जैसे विकल्प दिए जा सकते हैं, हालांकि सिर्फ फल और सब्जियां ही पर्याप्त नहीं हैं। बच्चों की डाइट में प्रोटीन, डेयरी और साबुत अनाज जैसे दूसरे पोषक खाद्य पदार्थ भी शामिल होने चाहिए।
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लाइफस्टाइल07 Aug, 202604:06 PMक्यों काले पड़ते हैं घुटने और कोहनी? जानें शरीर के अंदर होने वाले इस बदलाव की वजह
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, नकल्स, कोहनी और घुटनों की त्वचा शरीर के दूसरे हिस्सों की तुलना में थोड़ी मोटी होती है। इन जगहों पर बार-बार दबाव पड़ने से त्वचा की ऊपरी परत में केराटिन नामक प्रोटीन की मात्रा बढ़ने लगती है, जिससे वह हिस्सा गहरे रंग का दिखाई देने लगता है।
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लाइफस्टाइल05 Aug, 202610:49 AMबुखार में नहाना सही या गलत? कंफ्यूजन करें दूर और जानें नहाते समय किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी
बुखार के समय सबसे जरूरी बात ये है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। बुखार आने पर शरीर से पसीना ज्यादा निकलता है, जिससे पानी की कमी हो सकती है। इसलिए बार-बार पानी पीना चाहिए। इसके अलावा नारियल पानी, ओआरएस, सूप, छाछ और दूसरे तरल पदार्थ भी फायदेमंद होते हैं। खाने में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन जैसे खिचड़ी और दलिया आदि लेना अच्छा माना जाता है।
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लाइफस्टाइल30 Jul, 202608:50 AMमहंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से तोड़िए रिश्ता! त्वचा की रंगत और बालों की चमक वापस पाना चाहते हैं तो अपनाएं बादाम का तेल
बादाम के तेल में विटामिन ई, हेल्दी फैट, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये त्वचा की नमी बनाए रखने, बालों को मुलायम बनाने और बाहरी नुकसान से बचाने में मदद करता है। बादाम के तेल से हल्के हाथों से सिर की मालिश करने से बालों को नमी मिलती है और वे पहले से ज्यादा मुलायम महसूस होते हैं। कुछ लोग बादाम के तेल को जैतून के तेल के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं। इससे बालों की देखभाल बेहतर तरीके से होती है। हालांकि अगर बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हों, तो पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
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लाइफस्टाइल26 Jul, 202609:15 AMबरसात के मौसम में सेहत का रखें ध्यान, 'हल्का भोजन' खाएं और पेट को रखें दुरुस्त
हल्का भोजन शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ-साथ सुस्ती और भारीपन से भी बचाता है। मौसम में बदलाव के दौरान या रात के समय हल्का भोजन करने से नींद बेहतर आती है और वजन नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है। आधुनिक विज्ञान के अनुसार भी कमजोर पाचन की स्थिति में हल्का भोजन मेटाबॉलिज्म के लिए भी बेहतर होता है।
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लाइफस्टाइल25 Jul, 202607:15 AMसर्वांगासन के फायदे: शरीर, मन और रक्त संचार के लिए क्यों माना जाता है खास?
आयुष मंत्रालय के अनुसार सर्वांगासन (शोल्डर स्टैंड पोज) एक संपूर्ण योगासन है, जो शरीर का संतुलन, लचीलापन और आंतरिक अंगों के कार्य सुधारने में मदद करता है. इसे 'आसनों की रानी' भी कहा जाता है. साथ ही, यह आसन विशुद्धि चक्र को सक्रिय और संतुलित करने में सहायक होता है.