Advertisement

अब इस मुस्लिम देश में होगा तख्तापलट? सड़क पर उतरे लोग, सुरक्षाबल और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, अब तक 6 की मौत

Iran Protests: ईरान में विरोध प्रदर्शन का आज पांचवा दिन है. प्रदर्शनकारी सड़क पर हैं और सत्ता के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अब तक 6 की मौत हो चुकि है.

दुनिया के ताक़तवर मुस्लिम देशों में से एक ईरान में इस वक्त सियासत गरमाई हुई है. जनता सड़कों पर है, हुकूमत के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन जारी है, सुप्रीम लीडर के ख़िलाफ़ नारे लगाए जा रहे हैं. कई जगह सुरक्षाकर्मी और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो रही है. पुरी दुनिया की नज़र इस वक्त ईरान के नाज़ुक हालात पर है. ऐसे में सवाल ये है कि क्या ईरान में तख्तापलट होने वाला है? 

प्रदर्शन में अब तक 6 की मौत

ईरान में महंगाई के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन लगातार पाँच दिन से जारी है. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई, और 6 लोगों की मौत हो गई जिसमें एक सुरक्षाकर्मी भी शामिल है. ईरान में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 28 दिसंबर को हुई थी. तेहरान में व्यापारियों ने इसकी शुरुआत की थी.  

कट्टरपंथियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

प्रदर्शनकारी कट्टरपंथियों के शासन के खात्मे और राजशाही वापसी की माँग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई पर निशाना साधा जा रहा है. वहीं, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने हालात संभालने के लिए मोर्चा संभाला है. उन्होंने इन प्रदर्शनों के लिए विदेशी षड्यंत्र को ज़िम्मेदार ठहराया है और देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की है.  

2022 में भी चुके हैं ऐसे प्रदर्शन 

ईरान में इससे पहले साल 2022 में भी हालात बेकाबू हो गए थे. उस समय 22 साल की महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी. महसा अमिनी को कथित तौर पर हिजाब नियमों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. परिवार और मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस की ज्यादती के चलते उसकी मौत हुई. उस घटना ने पूरे देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया था, जिसकी गूंज लंबे समय तक सुनाई दी थी. इस बार भी विरोध केवल तेहरान तक सीमित नहीं है. राजधानी से करीब 300 किलोमीटर दूर अजना शहर में हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं. वहां से सामने आए वीडियो में लोग आगजनी करते, पत्थरबाजी करते और ‘शर्म करो, शर्म करो’ के नारे लगाते नजर आ रहे हैं. कई वीडियो में फायरिंग की आवाजें भी सुनी जा सकती हैं. ईरान की अर्ध सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स ने अपनी रिपोर्ट में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है.
बताते चलें कि सुदूर इलाकों में हालात इसलिए भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हैं क्योंकि वहां सुरक्षा बलों के लिए स्थिति को नियंत्रित करना कठिन हो रहा है. कई जगह प्रदर्शनकारियों ने सरकारी दफ्तरों पर धावा बोला और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है. कुल मिलाकर ईरान में बढ़ता यह विरोध शासन के लिए एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि खामेनेई सरकार इस गुस्से को बातचीत से शांत करती है या सख्ती का रास्ता और तेज होता है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement

LIVE
अधिक →