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1 दिसंबर के बाद सिस्टम बदल जाएगा..? पदभार संभालते ही नए CJI ने दिया बड़ा संकेत, क्या बदलने जा रहे सूर्यकांत?

CJI Suryakant: सूप्रीम कोर्ट के नए CJI सूर्यकांत ने ‘केस मेंशनिंग’ की प्रक्रिया में बड़े बदलाव का संकेत देते हुए कहा है कि 1 दिसंबर तक केस मेंशनिंग का सिस्टम में बदल जाएगा.

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27 Nov 2025
( Updated: 11 Dec 2025
12:25 AM )
1 दिसंबर के बाद सिस्टम बदल जाएगा..? पदभार संभालते ही नए CJI ने दिया बड़ा संकेत, क्या बदलने जा रहे सूर्यकांत?
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देश के नए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (New CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि 1 दिसंबर से कुछ नया होने वाला है. एक वकील की दलील सुनने के बाद उन्होंने ऐसी बात कही है. उन्होंने कहा, “1 दिसंबर तक इंतजार करें, हम कुछ प्लान कर रहे हैं, हम आपके मुद्दे जानते हैं, आपको जिक्र करने की जरूरत नहीं”. दरअसल, सीजेआई सूर्यकांत की यह टिप्पणी केस मेंशनिंग सिस्टम में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. 

पद संभालते ही ‘केस मेंशनिंग’ के तौर-तरीकों पर नाराजगी जताई थी

CJI सूर्यकांत ने जिस दिन पद संभाला था, उसी दिन केस मेंशनिंग के तौर-तरीकों पर घोर आपत्ति जताई थी और सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा था कि ये तरीका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा था, “किसी केस को मेंशन करने और उसी दिन उसे लिस्ट करने का यह तरीका हमेशा के लिए स्वीकार नहीं किया जा सकता. मैंने पहले ही कहा है कि मौत की सजा या अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़े जरूरी मामलों को छोड़कर, आपको मेंशनिंग के लिए सर्कुलेट करना होगा और प्रोसेस को फॉलो करना होगा”.

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कोर्ट में ‘केस मेंशनिंग’ का क्या है मतलब?

कोर्ट में मेंशनिंग का मतलब है, किसी केस को तुरंत सुनवाई के लिए जज के सामने लिस्ट करना. उदाहरण के लिए  मान लिजिए आपका केस 3 महीने लेट लगा है. लेकिन अचानक बहुत बड़ी समस्या आ गए, तो आप कोर्ट में अपने केस को अर्जंट में मेंशन करा सकते हैं. आप जज से बोल सकते हैं कि, सर, प्लीज मेरे केस की सुनवाई जल्दी कर लिजिए. 

‘केस मेंशनिंग’ में जजों को क्या होती है समस्या?

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‘केस मेंशनिंग’ में जजों को बहुत सी समस्याएं होती हैं. जैसे वकील किसी भी केस को जिंदगी और मौत का हवाला देकर, या फिर कोई गंभीर कारण बताकर मेंशन कर देते हैं. लेकिन बाद में पता चलता है कि असल में कोई जल्दी नहीं थी. ऐसे में जजों का कीमती समय बर्बाद होता है, और नियमित केस पीछे छूट जाता है. इसके साथ-साथ जजों पर भी दबाव बढ़ता है. वकीलों द्वारा मेंशनिंग का ग़लत इस्तेमाल किया जाता है. और बाद में 90 प्रतिशत मामले कारण झूठ ही निकलते हैं. इन्हीं सब दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा है कि 1 दिसंबर तक इंतज़ार करें, फिर सब कुछ बदल जाएगा.

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