Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

कौन हैं मंदीप भंडारी? जो अब संभालेंगे CBSE में अहम जिम्मेदारी, OSM विवाद के बीच तीसरी नियुक्ति

केंद्र सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत मंदीप कुमार भंडारी पर बड़ा फैसला लिया है. OSM विवाद के बीच CBSE के तीन चेयरमैन बदले जा चुके हैं.

Image Source- IANS/Social Media
Loading Ad...

सीनियर IAS ऑफिसर मंदीप भंडारी को CBSE का चेयरमैन नियुक्त किया गया है. वह जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं. अब केंद्र सरकार ने उन्हें माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में अहम जिम्मेदारी दी है. 

केंद्र सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत मंदीप कुमार भंडारी पर बड़ा फैसला लिया है. CBSE में उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पिछले चार महीने में तीन CBSE चेयरमैन बदले जा चुके हैं. इस बीच CBSE विवादों से भी जुड़ा. 

कौन हैं मंदीप भंडारी? 

Loading Ad...

मंदीप के भंडारी 2001 बैच के IAS अधिकारी हैं. वह पंजाब के रहने वाले हैं और UPSC के जरिए सीधी भर्ती से सिविल सेवा में एंट्री की. मंदीप भंडारी ने अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेशों में अहम जिम्मेदारी संभाली हैं. उनके सर्विस रिकॉर्ड के मुताबिक, भंडारी ने सिविल सेवा में 25 साल से ज्यादा समय से काम कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने कई अलग-अलग पदों पर काम किया है. इनमें संयुक्त सचिव, मंत्री के निजी सचिव, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उपायुक्त, अतिरिक्त विकास आयुक्त, अतिरिक्त सचिव, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के साथ मौजूदा समय में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं. मंदीप भंडारी MBBS में गोल्ड मेडलिस्ट हैं और दयानंद मेडिकल कॉलेज लुधियाना से पढ़े हैं.

Loading Ad...

क्यों हटाए गए थे CBSE के पूर्व चेयरमैन राहुल सिंह? 

CBSE में ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद सामने आने के बाद कई बड़े बदलाव किए गए. पिछले चार महीने में 3 CBSE चेयरमैन बदल चुके हैं. मई तक राहुल सिंह CBSE के चेयरमैन थे, केंद्र सरकार ने उन्हें 2 जून को हटा दिया था. इसके बाद IAS अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE चेयरपर्सन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया. 

Loading Ad...

क्या है CBSE से जुड़ा OSM विवाद? 

पहली बार विवाद तब सामने आया जब 13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था. इस रिजल्ट के जारी होने के बाद कई छात्रों ने नंबरों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी. इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई. दो छात्रों ने नंबरों में गड़बड़ी की शिकायत की थी. जिसमें वेदांत और सार्थक शामिल हैं, बाद में जांच में गड़बड़ी के आरोप सही साबित हुए. 

यह भी पढ़ें

यह भी पढ़ें- कौन हैं मेजर नव्या शेखावत? जो बनीं राष्ट्रपति मुर्मू की ‘आंख, नाक-कान’, ADC बनकर रचा इतिहास

LIVE
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...