कौन है कबिता सरकार जो लडेंगी संजय रॉय का केस ?

कोलकाता में लेडी डॉक्टर की जधन्य हत्या के बाद संजय रॉय का पॉलीग्राफ टेस्ट हो चुका है, और कोर्ट की तरफ से कबिता सरकार को उसके लिए वकील भी नियुक्त भी कर चुका है।

कौन है कबिता सरकार जो लडेंगी संजय रॉय का केस ?

हिंदुस्तान के कानून और संविधान की खूबसुरती यही है कि यहां हर किसी को अपनी बात रखने का मौका मिलता है, वो पीडिंत हो या आरोपी, बलात्कारी हो या हत्यारा कानून सबको बराबर का हक देता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला कोलकाता में,जिस कोलकाता की घटना को देखकर पूरा देश स्तब्ध है, जितनी जधन्य और अमानवीय घटना ट्रेनी लेडी डॉक्टर के साथ हुई उसे देखकर इंसानियत भी शर्मशार हो गई।संजय रॉय को इस वारदात का मुख्य आरोपी है वो फिलहाल सीबीआई की हिरासत में है। उसका पालीग्राफ टेस्ट हो चुका है, वो पूरा घटनाक्रम वो कबूल कर चुका है। लोग इसकी फांसी की मांग कर रहे है, लेकिन कबिता सरकार जो संजय का केस लड़ने वाली है वो व्यक्तिगत तौर पर फांसी की सजा को सही नहीं मानती।तो चलिए आपको बताते है कौन है कबिता सरकार और कैसे मिला उन्हे इस दरिंदे का केस।

कौन है कबिता सरकार ?

कबिता सरकार 25 साल से वकालत कर रहीं हैं. कबिता ने अपना करियर अलीपुर कोर्ट से शुरू किया था।जहां वो सिविल मुकदमे लड़ती थीं। इसके बाद वो साउथ एशियन लीगल सर्विस एसोसिएशन  से जुड़ीं और क्रिमिनल केस लड़ने लगीं।जून 2023 में ही वो सियालदह कोर्ट आईं हैं।और अब कोलकाता की सियालदेह कोर्ट ने सरकार को संजय रॉय के लिए वकील नियुक्त किया है।तो आप ये मत समझिएगा कि कबिता सरकार  खुद संजय रॉय का केस लड़ने के लिए आगे आई है।बल्कि उन्हें ये केस सौंपा गया है।

संजय रॉय का केस कबिता क्यों लड़ रही है, जब उनसे ये सवाल पूछा गया तो उनका जवाब था कि - हर किसी को निष्पक्ष सुनवाई का हक है, फिर चाहे वो आरोपी ही क्यों न हो।केस लड़ना उनका काम है।कानूनी सहायता की वकील होने के नाते मैं कानून के मुताबिक अपना काम करना जारी रखूंगी, जैसा कि बाकी मामलों में करती हूं।.

आपको यहां ये भी बता दें कि संजय ने जब पॉलीग्राफ टेस्ट की इजाजत दी तब कबिता वहां मौजूद थी, और उसने ये इजाजत किसी दबाव में नहीं थी।कबिता सरकार ने ये भी बताया कि संजय खुद को निर्दोष बता रहा है।और वो भी जानना चाहता था कि आखिर हुआ क्या था।हालाकिं कुछ रिपोर्टस का दावा है कि टेस्ट के दौरान कई सवालों के जवाब में संजय ने झूठ बोला है।अब जांच ऐजेंसियों का काम है कि वो किस निष्कर्स पर पहुंचती है।अब आप समझ लिजिए कि इतने जघन्य अपराध के आरोपी को भी वकील क्यों दिया जाता है।

क्यों हर अपराधी को दिया जाता है वकील

सविंधान से अनुच्छेद 39A के तहत सबको निष्पक्ष सुनवाई और न्याय का अधिकार दिया गया है।कोई भी नागरिक आर्थिक तंगी की वजह से या की और वजह से न्याय से वंछिंत नहीं रहना चाहिए।अगर ऐसा होता है तो सरकार मुफ्त में किसी को भी कानूनी सहायता मुहैया कराएगी।लेकिन संजय रॉय का केस लड़ने के लिए कोई भी वकील तैयार नहीं था। जब कोई भी वकील इस केस को लडने के लिए तैयार नहीं हुआ तब सियालदेह कोर्ट ने कबिता सरकार को ये केस लड़ने का आदेश दिया, कबिता सरकार सियालदह कोर्ट में स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी की इकलौती वकील हैं, इसलिए ये केस उन्हें मिला।वैसे इस देश के कानून के मुताबिक कसाब को भी वकील मिल चुका है, निर्भया के दोषियों का केस में लड़ा जा चुका है।


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