Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

गुजरात में नहीं चला SIR, वोट चोरी का नारा? शहरी स्थानीय निकायों में BJP की बंपर जीत, कांग्रेस का सूपड़ा साफ

गुजरात में चौतरफा घेराबंदी के बावजूद बीजेपी ने बंपर जीत दर्ज की है. SIR, पेपर लीक और वोट चोरी के नारों के बीच गांधीनगर, ओखा और थारा में भाजपा ने अपनी बादशाहत बरकरार रखी है. इसे सीजेपी के लिए भी झटका माना जा रहा है.

Image Source: IANS
Loading Ad...

बीजेपी ने चौतरफा घेरेबंदी के बावजूद गांधीनगर नगर निगम (GMC) की कुल 44 सीटों में से 38 सीटों पर कब्जा जमाया. इसके अलावा पार्टी ने थारा और ओखा नगरपालिकाओं में भी अपनी सत्ता बरकरार रखी. कांग्रेस एक ओर जहां वोट चोरी और SIR को मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही थी उसे मायूसी ही हाथ लगी है. वो 5 सीटें जीतकर दूसरे स्थान पर रही है. हालांकि पिछली बार की तुलना में उसके प्रदर्शन में 3 सीटों का सुधार हुआ है.

BJP ने गुजरात में कांग्रेस-सीजेपी को पटका!

दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी भी जोरों-शोरों से भी प्रचार किया था. उसके हिस्से में इस बार भी घोर निराशा ही आई है. उसका सूपड़ा और साफ हो गया है. पिछले चुनाव यानी कि 2021 में उसने तो कम के कम 1 सीटें जीतीं थीं, लेकिन इस बार वो अपना खाता भी नहीं खोल सकी. वहीं एक सीट निर्दलीय के खाते में आईं हैं.

Loading Ad...

वहीं बनासकांठा जिले की थारा नगरपालिका में भी बीजेपी ने अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी. उसने 24 में से 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को बाकी पांच सीटें हासिल हुईं. इसके अलावा द्वारका जिले की ओखा नगरपालिका में हुए 32 सीट के लिए मतदान में भाजपा ने 29 सीटों पर अपना कब्जा जमाया, वहीं कांग्रेस को तीन सीट मिलीं. 

Loading Ad...

तीनों निकायों पर काबिज रही बीजेपी 

ओखा में तो बीजेपी के 4 उम्मीदवार बिना किसी मुकाबले के यानी कि निर्विरोध चुने गए. ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव के आखिर में मैदान में केवल बीजेपी के ही उम्मीदवार बचे थे. इन 4 सीटों को मिलाकर बीजेपी के खाते में 36 सीटें में से 33 सीटें आईं. रविवार को हुए चुनाव में बीजेपी ने तीनों शहरी स्थानीय निकायों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है. 

Loading Ad...

गुजरात में नहीं चला SIR-वोट चोरी का मुद्दा?

कहा जा रहा है कि बीजेपी की इस जीत के काफी सियासी मायने हैं. SIR, पेपर लीक और वोट चोरी के आरोपों के बीच हुए इस शहरी निकाय चुनाव में भी इन मुद्दों के हावी रहने की संभावना थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. कांग्रेस, AAP और सीजेपी की ओर से इसे चुनावी मुद्दा बनाने की भी कोशिश की गई, लेकिन नतीजा जस का तस रहा. इन नतीजों को जेन जी के रेफरेंडम सहित आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस के लिए लिटमस टेस्ट के तौर पर देखा जा रहा था.

ये भी पढ़ें: 'आतंकवादी, हत्यारा, क्यों आए हो…', न्यूयॉर्क में यूनुस को बांग्लादेशियों ने ही घेरा, कहा- मुल्क बर्बाद कर दिया

Loading Ad...

गुजरात विधानसभा का सेमीफाइनल, पास हुई बीजेपी!

दिल्ली में एक ओर जहां सीजेपी के प्रोटेस्ट, कांग्रेस और विपक्ष के हमले बीजेपी पर बढ़े हैं. चौतरफा घेरेबंदी की जा रही है. ऐसे में बीजेपी के लिए ये एकतरफा जीत किसी संजीवनी से कम नहीं है. SIR और कथित चुनावी सांठगांठ के विपक्षी दलों के आरोपों के बीच ये जीत बीजेपी काडर में जान फूंकेगी. गुजरात से पहले हाल ही में राजस्थान में हुए निकाय चुनाव में भी भाजपा को अच्छी सफलता मिली थी.

ये भी पढ़ें: कांग्रेस पर चलेगा सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का केस! पोस्ट कर CJI सूर्यकांत के खिलाफ की थी टिप्पणी, फिर किया डिलीट

Loading Ad...

11 अक्टूबर को हुआ था मतदान!

11 अक्टूबर को हुए जीएमसी चुनावों में 59.25 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें 259,985 पंजीकृत मतदाताओं में से 154,045 ने अपने वोट डाले. वॉर्ड 4 में सबसे ज्यादा 74.78 प्रतिशत वोटिंग हुई, जबकि वॉर्ड 5 में सबसे कम 48.63 प्रतिशत वोटिंग हुई.

यह भी पढ़ें

चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मुख्य दावेदार थे. अक्टूबर 2021 में हुए पिछले जीएमसी चुनावों में, भाजपा ने 44 में से 41 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को दो और आम आदमी पार्टी को एक सीट मिली थी. ओखा में, चार सीटों पर निर्विरोध जीत के बाद नौ वॉर्डों की 32 सीटों पर मतदान हुआ, जबकि थारा में छह वॉर्डों की 24 सीटों पर चुनाव हुआ.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...