उत्तराखंड विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर: सीएम पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह शिविर प्रेरणादायक है और ऊर्जा से भर देता है. राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को संतुलित कर रही है. रोपवे और जन-जन की सरकार जैसे प्रयास जनकल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाते हैं.

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23 Jan 2026
( Updated: 23 Jan 2026
07:58 PM )
उत्तराखंड विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर: सीएम पुष्कर सिंह धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून में आयोजित चिंतन शिविर और'डायलॉग ऑन विजन–2047' कार्यक्रम में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश विभिन्न विभागों के माध्यम से इस लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है.

उत्तराखंड विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत संकल्प 2047 उत्तराखंड द्वारा भी मजबूती से अपनाया जा रहा है. उन्होंने जोर दिया कि राज्य की व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर विकसित करने की जरूरत है. साइंस एंड टेक्नोलॉजी सहित अन्य विभाग मिलकर गांव-गांव तक विकसित भारत का संकल्प साकार कर रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं आम जनता तक आसानी से पहुंच रही हैं.

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’

उन्होंने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि अब तक लगभग 4 लाख लोगों ने इसका लाभ उठाया है. साथ ही, देहरादून में रोपवे जैसी परियोजनाएं भी विकसित उत्तराखंड की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करके मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों के विचार सुने और देवतुल्य जनता को संबोधित किया. इस मंथन से निकले निष्कर्ष उत्तराखंड के लिए सुदृढ़ विजन और विकसित भारत 2047 का स्पष्ट रोडमैप तय करेंगे. प्रधानमंत्री के विकसित भारत संकल्प को देश की जन-जन की आकांक्षा बताया. 2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाने का लक्ष्य मात्र आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि मानव-केंद्रित, समावेशी और सतत विकास पर आधारित होना चाहिए.

उत्तराखंड के संदर्भ में विकास पर्यावरण से गुजरता है, इसलिए इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन के साथ आगे बढ़ना जरूरी है. विकसित उत्तराखंड की आधारशिला तीन स्तंभों, सुशासन, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, और जनकेंद्रित विकास पर टिकी है. पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ निर्णय राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे.

यह दो दिवसीय चिंतन शिविर सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट में आयोजित हुआ, जहां वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समयबद्ध रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया. सभी प्रमुख क्षेत्रों में गहन विचार-विमर्श से राज्य के भविष्य के लिए व्यावहारिक और समयबद्ध रणनीति बनाई जा रही है. कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित भारत के लक्ष्य में उत्तराखंड की मजबूत भूमिका सुनिश्चित करना है.

"शिविर प्रेरणादायक है और ऊर्जा से भर देता है"

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह शिविर प्रेरणादायक है और ऊर्जा से भर देता है. राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को संतुलित कर रही है. रोपवे और जन-जन की सरकार जैसे प्रयास जनकल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाते हैं.

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