UP Police Guidelines: वर्दी, हथियार और रील, नए पुलिसकर्मियों के लिए जरूरी निर्देश, एक गलती से जा सकती है नौकरी

CM Yogi: कई मामलों में पुलिसकर्मियों को अपनी कुर्सी और नौकरी तक गंवानी पड़ी है. इन घटनाओं के बाद पुलिस विभाग ने साफ कर दिया है कि ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया का इस्तेमाल अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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22 Jan 2026
( Updated: 22 Jan 2026
12:55 PM )
UP Police Guidelines: वर्दी, हथियार और रील, नए पुलिसकर्मियों के लिए जरूरी निर्देश, एक गलती से जा सकती है नौकरी
Image Source: Social Media

UP Police Guidelines: पुलिस कमिश्नरेट में तैनात निरीक्षक से लेकर सिपाही तक की सोशल मीडिया रील्स और वीडियो लगातार वायरल होने के बाद विभाग सख्त हो गया है. कई मामलों में पुलिसकर्मियों को अपनी कुर्सी और नौकरी तक गंवानी पड़ी है. इन घटनाओं के बाद पुलिस विभाग ने साफ कर दिया है कि ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया का इस्तेमाल अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसका असर यह हुआ है कि पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के समय सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाने के निर्देश दिए गए हैं.

शासन स्तर से जारी हुई सख्त गाइडलाइन

शासन स्तर से पुलिस के लिए स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है. इसके तहत कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनाती के दौरान न तो रील बनाएगा और न ही सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट करेगा. पुलिसकर्मियों को यह भी हिदायत दी गई है कि वे किसी भी तरह की गोपनीय जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं करेंगे. इसके अलावा, वर्दी में फोटो या वीडियो पोस्ट करना, सरकारी हथियारों के साथ रील या तस्वीर डालना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. विभाग का मानना है कि इससे पुलिस की गरिमा और सुरक्षा दोनों प्रभावित होती हैं.

नए रिक्रूट आरक्षियों को दी जा रही सोशल मीडिया ट्रेनिंग


फिलहाल करीब 1600 रिक्रूट पुलिस लाइन में और 250 से अधिक महिला आरक्षी रेडियो शाखा में ट्रेनिंग ले रही हैं. इन सभी को सोशल मीडिया पॉलिसी के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है. उन्हें बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किस तरह उनके करियर को नुकसान पहुंचा सकता है. साथ ही, यह भी सिखाया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सही तरीके से इस्तेमाल कर जानकारी कैसे जुटाई जा सकती है, ताकि जांच और ड्यूटी में मदद मिल सके.

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पुलिस आयुक्त ने दी जानकारी


पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि रिक्रूट आरक्षियों को सोशल मीडिया पॉलिसी की पूरी जानकारी दी जा रही है. उन्हें यह भी समझाया जा रहा है कि सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल ड्यूटी से जुड़े कामों में किस तरह किया जा सकता है. मकसद यह है कि पुलिसकर्मी तकनीक का सही उपयोग करें, न कि ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जो विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाएं.

इंस्पेक्टर की रील बनी विवाद की वजह


तीन अगस्त 2024 को तत्कालीन इंस्पेक्टर शैली राणा के साथ उनके सरकारी आवास के बाहर मारपीट हुई थी. इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे. वीडियो मारपीट करने वालों ने बनाए थे, लेकिन इसी दौरान शैली राणा की इंस्टाग्राम आईडी पर मौजूद कुछ रील्स भी चर्चा में आ गईं. करीब 16 महीने बाद उन्हें थाना मंटोला का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया. उन्होंने 13 जनवरी को चार्ज लिया, लेकिन 14 जनवरी को मामला लखनऊ तक पहुंच गया. इसके बाद वह छुट्टी पर चली गईं और उनकी जगह दूसरे निरीक्षक को तैनात कर दिया गया.

सिपाही की रील से गई नौकरी

इससे पहले थाना एमएम गेट में तैनात सिपाही प्रियंका मिश्रा का मामला भी सामने आया था. उन्होंने सरकारी हथियार के साथ रील बनाई थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. मामला अधिकारियों तक पहुंचते ही उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया. बाद में उन्होंने पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया. यह मामला पुलिस विभाग के लिए एक बड़ा सबक बन गया.

अब सख्ती जरूरी

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इन सभी घटनाओं के बाद पुलिस विभाग अब किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है. साफ संदेश दिया गया है कि ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया मनोरंजन का साधन नहीं है. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि पुलिस की छवि और अनुशासन दोनों बनाए रखे जा सकें...

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