Budget 2026-27: 1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट, ITR डेडलाइन बढ़ी

Union Budget 2026-27: सरकार का साफ कहना है कि अब आयकर से जुड़े नियमों को पहले से ज्यादा सरल, पारदर्शी और समझने में आसान बनाया जाएगा. वित्त मंत्री ने बताया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिससे टैक्स से जुड़ी जटिलताओं को कम किया जा सकेगा.

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01 Feb 2026
( Updated: 01 Feb 2026
03:42 PM )
Budget 2026-27: 1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट, ITR डेडलाइन बढ़ी
Image Source: Social Media

Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के टैक्सपेयर्स के लिए कई अहम और राहत भरे ऐलान किए हैं. सरकार का साफ कहना है कि अब आयकर से जुड़े नियमों को पहले से ज्यादा सरल, पारदर्शी और समझने में आसान बनाया जाएगा. वित्त मंत्री ने बताया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिससे टैक्स से जुड़ी जटिलताओं को कम किया जा सकेगा.

छोटे टैक्सपेयर्स के लिए नई स्कीम

बजट में छोटे और मध्यम टैक्सपेयर्स को ध्यान में रखते हुए एक नई टैक्स स्कीम लाने का प्रस्ताव रखा गया है. इस स्कीम का मकसद यह है कि आम लोगों के लिए टैक्स भरने की प्रक्रिया आसान हो और उन्हें नियमों को समझने में परेशानी न हो. सरकार चाहती है कि टैक्स अनुपालन बढ़े, लेकिन लोगों पर बोझ न पड़े.

ITR-1 और ITR-2 की तारीख बढ़ी

वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए यह ऐलान किया कि आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने की अंतिम तारीख अब 31 जुलाई कर दी गई है. इससे लाखों वेतनभोगी कर्मचारियों और छोटे करदाताओं को फायदा मिलेगा, जिन्हें अक्सर समय पर रिटर्न भरने में दिक्कत होती थी. सरकार ने यह भी कहा कि आईटीआर फॉर्म को पहले से ज्यादा सरल बनाया गया है और टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली किया गया है.

इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

हालांकि इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वित्त मंत्री ने संसद में बताया कि सरकार ने 2021-22 में टैक्स सुधारों को लेकर जो वादे किए थे, उन्हें पूरा कर दिया गया है. सरकार का फोकस अब सिस्टम को बेहतर बनाने और टैक्स प्रक्रिया को आसान करने पर है.

वित्तीय अनुशासन पर सरकार का जोर

बजट में सरकार ने अपने वित्तीय लक्ष्यों को भी साफ किया है.बजट अनुमान के मुताबिक, 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि 2026-27 में यह घटकर 4.3 प्रतिशत हो सकता है. सरकार का कहना है कि वह वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाना चाहती है.

राज्यों के लिए बड़ी ग्रांट का ऐलान

बजट 2026 में राज्यों के लिए भी एक बड़ी घोषणा की गई है. वित्त मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 में राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये की ग्रांट दी जाएगी. इसके साथ ही वित्त वर्ष 2027 के लिए डेट-टू-जीडीपी रेश्यो 55.6 प्रतिशत और नेट बॉरोइंग 11.7 लाख करोड़ रुपये तय की गई है.

विदेश भेजी जाने वाली रकम पर TCS में राहत

सरकार ने बजट 2026 में टीसीएस (Tax Collected at Source) दरों में भी बड़ी राहत दी है. लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजी जाने वाली रकम पर लगने वाला टीसीएस अब 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है. इससे उन परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा, जो बच्चों की पढ़ाई या मेडिकल इलाज के लिए विदेश पैसा भेजते हैं.

TDS नियमों में भ्रम हुआ दूर

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टैक्स नियमों को लेकर फैले भ्रम को खत्म करने के लिए सरकार ने यह भी साफ किया है कि मानव संसाधन सेवाओं (HR Services) को अब ठेकेदारों को किए गए भुगतान की श्रेणी में रखा जाएगा. इसके तहत अब इन सेवाओं पर केवल 1 या 2 प्रतिशत TDS लगेगा. इससे कारोबारियों को राहत मिलेगी और श्रमिकों के लिए भी प्रक्रिया आसान होगी.

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