भारतीय डेलिगेशन के पहुंचने से कुछ देर पहले मॉस्को एयरपोर्ट पर यूक्रेन ने किया ड्रोन अटैक, हवा में चक्कर काटता रहा सांसदों का विमान
आतंकवाद पर पाकिस्तान की पोल खोलने रूस गया भारत का प्रतिनिधिमंडल मॉस्को एयरपोर्ट पर ड्रोन अटैक का शिकार होने से बच गया. दरअसल, भारतीय प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने से कुछ देर पहले ही यूक्रेन ने मॉस्को एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला कर दिया. जिसके बाद कई घटों तक विमान एयरपोर्ट का चक्कर काटता रहा. जिसे कई घंटों के बाद एयरपोर्ट पर लैंड करवाया गया. घटना से अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई.
आतंकवाद पर पाकिस्तान को बेनकाब करने रूस पहुंचा भारतीय प्रतिनिधिमंडल को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा है. दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर पर रूस गया भारत के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मॉस्को एयरपोर्ट पर ड्रोन अटैक की चपेट में आने से बच गया. ड्रोन अटैक की वजह से कई घंटे तक ये विमान मॉस्को एयरपोर्ट पर चक्कर लगाता रहा. कई घंटों के बाद के बाद और सुरक्षा स्थितियों के आकलन के बाद आखिरकार ये विमान मॉस्को एयरपोर्ट पर उतरा गया. कई घंटों की देरी के बाद, सांसद कनिमोझी को लेकर विमान सुरक्षित रूप से मॉस्को एयरपोर्ट पर उतरा. इसके बाद, रूस में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने सर्वदलीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उन्हें सुरक्षित रूप से उनके होटल तक पहुंचाया.
दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर पर दुनिया के देशों को भारत का रुख बताने के लिए भारत की ओर से 6 प्रतिनिधिमंडल अलग अलग देश गए हैं. भारत की ओर से जो प्रतिनिधिमंडल रूस गया है उसमें डीएमके सांसद कनिमोझी, समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय, आरजेडी सांसद प्रेमचंद गुप्ता, कैप्टन ब्रिजेश, अशोक कुमार मित्तल और राजदूत मंजीव सिंह पूरी शामिल हैं. सांसद कनिमोझी के नेतृत्व में सांसदों का प्रतिनिधिमंडल 22 मई को रूस के लिए रवाना हुआ था. अब यह बात सामने आई है कि कनिमोझी को ले जा रहे विमान को मॉस्को एयरपोर्ट पर उतरने में दिक्कत हुई. यूक्रेन ने कथित तौर पर रूस के मॉस्को एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला किया. इसके बाद मॉस्को एयरपोर्ट पर अफरातफरी की स्थिति मच गई. और लैंडिंग का इंतजार कर रहे विमानों को एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति अस्थायी रूप से नहीं दी गई. मॉस्को एयरपोर्ट ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों को कई घंटों के लिए निलंबित कर दिया गया. इसके कारण सांसद कनिमोझी करुणानिधि को ले जा रहा विमान नहीं उतर सका और उसे हवा में चक्कर लगाता रहा. आखिरकार, काफी देरी के बाद विमान सुरक्षित उतर गया.
'आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे...'
रूस की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद यह शिष्टमंडल स्लोवेनिया, ग्रीस, लातविया और स्पेन की यात्रा करेगा. मॉस्को पहुंचने पर डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि रूस भारत का रणनीतिक साझीदार है. उन्होंने आगे कहा कि हम हमेशा कूटनीतिक मुद्दों, व्यापार आदि पर मिलकर काम करते रहे हैं. ऐसे समय में, जब बार-बार आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ रहा है, रूस से संपर्क करना बहुत जरूरी हो जाता है. भारत में हमने 26 लोगों को खो दिया, इसलिए भारत सरकार और प्रधानमंत्री ने फैसला किया कि देश भर से, विभिन्न दलों के सांसदों को भारत का आतंकवाद के खिलाफ रुख और हमारी स्थिति दुनिया के सामने रखने के लिए भेजा जाए. भारत का प्रतिनिधित्व कर रहीं डीएमके सांसद ने कहा कि हम यहां अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के सदस्यों से मिलेंगे. हम रूस के उप विदेश मंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री से भी मिलेंगे. हम थिंक टैंक्स और रूसी मीडिया के लोगों से भी मुलाकात करेंगे. और हम उन्हें समझाएंगे कि भारत में क्या हुआ और हमें आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कैसे लड़ना है.
बता दें कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है. भारत ने 33 देशों में अपने सात प्रतिनिधिमंडल भेजे, जिसमें विभिन्न दलों के सांसद, नेता और पूर्व राजनयिक शामिल हैं. ये प्रतिनिधिमंडल आतंकवाद के खिलाफ अलग-अलग देशों तक भारत के अतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का संदेश पहुंचा रहा है. प्रतिनिधिमंडल बता रहा है कि भारत आतंकवाद से निपटने के लिए कितना गंभीर है. ये अभियान बुधवार 21 मई,2025 से शुरू हुआ है. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सांसदों के इन दलों को ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की सारी परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी है.
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