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राहुल की डिनर पार्टी में अंतिम पंक्ति में दिखे उद्धव, BJP ने पूछा बड़ा सवाल- क्या चला गया आपका आत्मसम्मान?
राहुल गांधी की डिनर मीटिंग में उद्धव ठाकरे और उनके परिवार के सदस्य पिछली पंक्ति में बैठे थे, जबकि राहुल चुनाव आयोग पर आरोप पेश कर रहे थे. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तंज कसा कि जब शिवसेना एनडीए में थी, तब उद्धव हमेशा पहली पंक्ति में होते थे और उनका सम्मान सर्वोपरि था, लेकिन अब उन्हें कम सम्मान मिलता है. उन्होंने याद दिलाया कि उद्धव पहले दिल्ली के आगे झुकने से मना करते थे.
महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी टकराव फिर एक बार तेज हो गया है. हाल ही में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा आयोजित एक डिनर मीटिंग में उद्धव ठाकरे, उनके बेटे आदित्य ठाकरे और राज्यसभा सांसद संजय राउत को अंतिम पंक्ति में बैठते देख बीजेपी ने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि “उद्धव का आत्मसम्मान कहां गया?”
सीएम फडणवीस ने कसा तंज
दरअसल, बैठक के दौरान राहुल गांधी चुनाव आयोग पर कथित मतदाता धोखाधड़ी का प्रेजेंटेशन दे रहे थे. इस अहम मौके पर शिवसेना के शीर्ष नेता पीछे की सीट पर रहे. इस तस्वीर को देखकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब शिवसेना (एकीकृत) एनडीए का हिस्सा थी, तब उद्धव ठाकरे हमेशा पहली पंक्ति में बैठते थे. उन्होंने कहा, “उनका सम्मान हमारे सम्मान से ऊपर था, लेकिन अब INDIA ब्लॉक में उन्हें वह सम्मान नहीं मिल रहा.” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उद्धव ठाकरे पहले दिल्ली के आगे नहीं झुकने की बात करते थे. बीजेपी ने सोशल मीडिया पर उद्धव ठाकरे की अंतिम पंक्ति में बैठने की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “इस तस्वीर में आत्मसम्मान खोजिए!” महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि जिन्होंने बाल ठाकरे की विचारधारा छोड़ दी, उन्हें इस अपमान से फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उद्धव ठाकरे को उनकी औकात दिखा दी है.
संजय राउत ने दी सफाई
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बीजेपी की आलोचना को खारिज करते हुए बताया कि वे पहले पंक्ति में थे, लेकिन टीवी स्क्रीन के कारण आंखों में तकलीफ हुई तो पीछे चले गए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने उद्धव ठाकरे परिवार का घर जैसा स्वागत किया. आदित्य ठाकरे ने भी बीजेपी और शिंदे पर हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग केवल फ्रंट रो में बैठने के लिए लड़ते हैं, जबकि इस मीटिंग का माहौल पारिवारिक था. उन्होंने कहा, “हमें जहां बैठना था, वहां बैठने का पूरा अधिकार था. बीजेपी को इसलिए चिढ़ है क्योंकि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग में चल रही गड़बड़ी उजागर की है.”
बताते चलें कि यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीतिक उलझनों को फिर से ताजा करता है. उद्धव ठाकरे के पीछे बैठने की घटना को बीजेपी ने राजनीतिक कमजोरियों के तौर पर पेश किया है, जबकि शिवसेना इसे गैर-जरूरी विवाद बता रही है.
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