काफिले पर हमले के मामले में सुवेंदु अधिकारी को हाई कोर्ट से राहत, 29 जनवरी तक अंतरिम सुरक्षा

अधिकारी के कार्यालय ने पहले ही हमले से जुड़े पांच वीडियो मंत्रालय को भेजे थे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी व्यक्तिगत रूप से अधिकारी को फोन किया और उनके काफिले पर हुए हमले के बारे में जानकारी ली. गृह मंत्री शाह के साथ 15 मिनट की बातचीत में अधिकारी ने बताया कि चंद्रकोना में असल में क्या हुआ था.

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21 Jan 2026
( Updated: 21 Jan 2026
04:32 PM )
काफिले पर हमले के मामले में सुवेंदु अधिकारी को हाई कोर्ट से राहत, 29 जनवरी तक अंतरिम सुरक्षा

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को चंद्रकोना पुलिस स्टेशन (पश्चिम मिदनापुर) में उनके खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस की जबरदस्ती कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी.

कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच ने अधिकारी को यह सुरक्षा 29 जनवरी तक दी है. याद दिला दें कि इस महीने की शुरुआत में अधिकारी के काफिले पर चंद्रकोना में हमला हुआ था. इस हमले का आरोप सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगाया गया था, जब अधिकारी पुरुलिया से कोलकाता लौट रहे थे.

हमले के बावजूद अधिकारी के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत

हैरानी की बात यह है कि इस हमले के बावजूद चंद्रकोना पुलिस स्टेशन में अधिकारी के खिलाफ ही शिकायत दर्ज की गई, जिसमें उन पर इलाके में तनाव फैलाने का आरोप लगाया गया. अधिकारी ने पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ सुरक्षा के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच, जस्टिस सुव्रा घोष के पास अपील की.

सिंगल-जज बेंच ने मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद अधिकारी को पुलिस की जबरदस्ती कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी और साथ ही पश्चिम बंगाल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) अधिकारियों से 10 जनवरी को अधिकारी के काफिले पर हुए हमले की रिपोर्ट भी मांगी.

कोर्ट में क्या दलील दी गई

बुधवार को जब मामला सुनवाई के लिए आया, तो अधिकारी के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उनके क्लाइंट को परेशान करने और अधिकारी के काफिले पर हुए हमले की मुख्य घटना से ध्यान भटकाने के लिए पुलिस शिकायत दर्ज की गई थी. जस्टिस सुव्रा घोष की बेंच ने यह दलील मान ली और विपक्ष के नेता को अंतरिम सुरक्षा दे दी.

सीबीआई जांच की मांग

पिछले हफ्ते, अधिकारी ने कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच में एक याचिका दायर की थी, जिसमें 10 जनवरी की रात चंद्रकोना में उनके काफिले पर हुए कथित हमले की सीबीआई जांच की मांग की गई थी. यह याचिका भी जस्टिस घोष की बेंच में ही दायर की गई थी.

अधिकारी के काफिले पर हुए हमले को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी गंभीरता से लिया और इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी.

केंद्र सरकार ने भी लिया संज्ञान

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अधिकारी के कार्यालय ने पहले ही हमले से जुड़े पांच वीडियो मंत्रालय को भेजे थे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी व्यक्तिगत रूप से अधिकारी को फोन किया और उनके काफिले पर हुए हमले के बारे में जानकारी ली. गृह मंत्री शाह के साथ 15 मिनट की बातचीत में अधिकारी ने बताया कि चंद्रकोना में असल में क्या हुआ था.

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