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अकेले नहीं हैं शांतनु सिन्हा! ममता के और भी रसूखदार अफसर होंगे सलाखों के पीछे, ED की डायरी में कई 'खाकी' वाले नाम दर्ज

Bengal: ईडी ने शांतनु सिन्हा को मनी लॉन्ड्रिंग और जबरन वसूली के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया और अदालत से उनकी रिमांड हासिल कर ली. कोलकाता की अदालत ने उन्हें 28 मई तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है.

Image Source: IANS
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Bengal: कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (DC) शांतनु सिन्हा की गिरफ्तारी ने इस बात का संकेत दे दिया है कि पुलिस महकमे में चल रहे संगठित भ्रष्टाचार के खेल की जांच अब गंभीर मोड़ पर है. ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की जांच में साफ हो गया है कि सिर्फ सिन्हा ही नहीं, बल्कि कई बड़े और रसूखदार अधिकारी भी सीधे एजेंसी की नजर में हैं.
ईडी ने शांतनु सिन्हा को मनी लॉन्ड्रिंग और जबरन वसूली के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया और अदालत से उनकी रिमांड हासिल कर ली. कोलकाता की अदालत ने उन्हें 28 मई तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है....

गिरफ्तारी का पूरा मामला

14 मई को करीब 10 घंटे लंबी पूछताछ के बाद शांतनु सिन्हा को कोलकाता के CGO कॉम्प्लेक्स से गिरफ्तार किया गया. इससे पहले कई बार ईडी ने उन्हें समन भेजा था, लेकिन वह पेश नहीं हुए. लगातार समन अनदेखा करने के बाद ईडी ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया था.
15 मई को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां जांच एजेंसी ने विस्तार से पूछताछ के लिए उनकी रिमांड मांगी और अदालत ने इसे मंजूरी दे दी.

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आरोप और ‘सोना पप्पू’ का कनेक्शन

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ईडी के अनुसार, शांतनु सिन्हा पर जबरन वसूली, अवैध तरीके से जमीन कब्जाने और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि मामला चर्चित बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ‘सोना पप्पू’ से जुड़ा हुआ है..
एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे सिंडिकेट में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल है. साफ है कि यह केवल एक अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि इससे कई अन्य पुलिसकर्मियों और रसूखदार लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती है.

जांच का दायरा और आगे की संभावनाएँ

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सूत्रों के अनुसार, ईडी अब उन संपत्तियों और बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें संदिग्ध लेन-देन पाए गए हैं. 28 मई तक चलने वाली रिमांड में कई अहम राज खुलने की उम्मीद है.
यह मामला बताता है कि जब कोई सिस्टम में गहरी गड़बड़ी होती है, तो सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की जांच जरूरी होती है. यही वजह है कि जांच अब अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक बढ़ सकती है और कई और नाम उजागर हो सकते है.

हिरासत की अवधि: शांतनु सिन्हा ईडी की रिमांड पर 28 मई तक रहेंगे.

गिरफ्तारी की वजह: 14 मई को 10 घंटे लंबी पूछताछ के बाद मनी लॉन्ड्रिंग और जबरन वसूली के आरोप.
लुकआउट नोटिस: समन अनदेखा करने के कारण ईडी ने पहले ही लुकआउट नोटिस जारी किया था.
प्रमुख आरोप: अवैध जमीन कब्जा, जबरन वसूली और ‘सोना पप्पू’ से जुड़े वित्तीय घोटाले में संलिप्तता.
जांच का दायरा: सूत्रों का दावा है कि कई अन्य कोलकाता पुलिस अधिकारी भी ईडी के रडार पर हैं.
इस मामले से साफ हो गया है कि भ्रष्टाचार के नेटवर्क को उजागर करना आसान नहीं, लेकिन पहली बड़ी गिरफ्तारी ने संकेत दे दिया है कि अब कोई भी सुरक्षित नहीं है.

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