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गणतंत्र दिवस: CM मान ने होशियारपुर में फहराया तिरंगा, कर्तव्य पथ पर दिखी गुरु तेग बहादुर साहिब के बलिदान को नमन करती पंजाब की झांकी

CM Bhagwant Mann: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने होशियारपुर में तिरंगा फहराकर पंजाब के ऐतिहासिक योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि आज़ादी की लड़ाई में सबसे ज्यादा कुर्बानियां पंजाबियों ने दीं और देश के बंटवारे का सबसे गहरा दर्द भी पंजाब ने ही झेला

Image Source: Social Media

Punjab CM Bhagwant Mann Hoisted The Flag: 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर पंजाब ने एक बार फिर देश के सामने अपनी शहादत, इंसानियत और एकता की मजबूत पहचान रखी है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने होशियारपुर में तिरंगा फहराकर पंजाब के ऐतिहासिक योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि आज़ादी की लड़ाई में सबसे ज्यादा कुर्बानियां पंजाबियों ने दीं और देश के बंटवारे का सबसे गहरा दर्द भी पंजाब ने ही झेला. इसके बावजूद पंजाब ने हमेशा देश की तरक्की में अहम भूमिका निभाई और आगे भी निभाता रहेगा.

मुख्यमंत्री मान ने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब को तोड़ने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन राज्य सरकार ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगी. उन्होंने गैंगस्टरों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे जुर्म की दुनिया छोड़ दें, नहीं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. गैंगस्टरों को शह और मदद देने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा. इसके साथ ही नशे के खिलाफ चल रही जंग का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने जनता से सहयोग की अपील की और हेल्पलाइन नंबर 98991-0002 जारी किया .

कर्तव्य पथ पर पंजाब की झांकी: सिर्फ दृश्य नहीं, एक संदेश

26 जनवरी 2026 को जब पूरे देश की निगाहें दिल्ली के कर्तव्य पथ पर थी, तब पंजाब सरकार की झांकी सिर्फ एक झलक नहीं, बल्कि यह मानवता, करुणा, आस्था और बलिदान का जीवंत संदेश लेकर सामने आई. यह झांकी उस पंजाब की कहानी कहीं, जिसने हमेशा अन्याय के खिलाफ खड़े होने की कीमत चुकाई, लेकिन कभी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने इस बार ऐसा विषय चुना, जो सिख इतिहास की महान परंपरा को सम्मान देता है और पूरे देश को यह याद दिलाता है कि भारत की असली ताकत इंसानियत और सह-अस्तित्व में है. इस झांकी ने बताया  कि भारत की आत्मा हथियारों में नहीं, बल्कि त्याग और करुणा में बसती है.

झांकी की संरचना: ट्रैक्टर, मानवता और ‘एक ओंकार’

पंजाब सरकार की झांकी को ट्रैक्टर और ट्रेलर दो हिस्सों में तैयार किया गया. ट्रैक्टर के आगे बना हुआ हाथ का निशान मानवता, दया और भाईचारे का प्रतीक है. इसके साथ घूमता हुआ ‘एक ओंकार’ का चिन्ह यह संदेश देता है कि ईश्वर एक है और पूरी सृष्टि एक ही सूत्र में बंधी हुई है. यह दृश्य सिख दर्शन और भारतीय संस्कृति की गहराई को बेहद सरल तरीके से दर्शाता है.

‘हिंद दी चादर’: शब्द नहीं, इतिहास

झांकी पर लिखा ‘हिंद दी चादर’ सिर्फ एक वाक्य नहीं, बल्कि वह इतिहास है, जो अत्याचार के सामने डटकर खड़े होने की मिसाल देता है. यह उपाधि नौवें सिख गुरु गुरु तेग बहादुर जी से जुड़ी है, जिन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. आज के दौर में, जब समाज को फिर से सहिष्णुता और करुणा की जरूरत है, यह संदेश और भी ज्यादा प्रासंगिक हो जाता है. ट्रेलर हिस्से में रागी सिंहों द्वारा शब्द कीर्तन का दृश्य दिखाया गया है, जो पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है. पीछे सजा हुआ खंडा सिख पंथ की ताकत, एकता और समर्पण का प्रतीक बनकर उभरता है.

शहादत की मिसालें और गुरु तेग बहादुर का बलिदान

झांकी में गुरुद्वारा सीस गंज साहिब का मॉडल भी शामिल किया गया, वही पवित्र स्थान जहां गुरु तेग बहादुर जी ने मानवता की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया था. साइड पैनलों में भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दयाला की शहादत को दिखाया गया है. ये वे नाम हैं जिन्होंने यह साबित किया कि सच्चाई और धर्म के रास्ते में जीवन भी छोटा पड़ जाता है. पंजाब सरकार ने हाल ही में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को बड़े स्तर पर मनाकर यह संदेश दिया कि यह सरकार सिख धर्म को सिर्फ याद नहीं करती, बल्कि उसके मूल्यों को अपनाकर चलती है.

आनंदपुर साहिब में हुए बड़े कार्यक्रम, देश-विदेश से निकले नगर कीर्तन और जैता स्मारक स्थल पर विधानसभा का विशेष सत्र ये सभी मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व को दर्शाते हैं. आम आदमी पार्टी की सरकार ने यह दिखाया है कि सत्ता में रहकर भी विनम्रता, श्रद्धा और जनभावनाओं से जुड़ा रहना संभव है.
26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर निकली यह झांकी सिर्फ पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं किया, बल्कि पूरे देश के सामने यह संदेश दिया कि भारत की असली ताकत त्याग, करुणा और मानव एकता में है.

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