Advertisement

ट्रेड डील पर पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप का जताया आभार, बोले- अब ‘मेक इन इंडिया’ होगा और मजबूत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताते हुए कहा कि यह समझौता भविष्य की साझेदारी को मजबूत करेगा. इससे किसानों, उद्योगों, स्टार्टअप्स और मेक इन इंडिया को लाभ मिलेगा.

Narendra Modi (File Photo)

भारत और अमेरिका के टैरिफ के चलते बिगड़े व्यापारिक रिश्ते अब फिर से पटरी पर आ गए हैं. दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर की है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार व्यक्त किया है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि दो महान लोकतांत्रिक देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनना भविष्य की साझेदारी को और मजबूत करेगा.

PM मोदी सोशल मीडिया पर जताया ट्रंप का आभार 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के एक्स पर किए गए पोस्ट में साफ किया कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और अमेरिका के बीच दीर्घकालिक भरोसे और सहयोग का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि भारत–अमेरिका व्यापार समझौता किसानों, उद्यमियों, लघु एवं मध्यम उद्योगों, स्टार्टअप्स और मछुआरों के लिए नए अवसर पैदा करेगा. इससे मेक इन इंडिया अभियान को भी नई मजबूती मिलेगी. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है, देश ऐसी वैश्विक साझेदारियों के लिए प्रतिबद्ध है जो भविष्य पर आधारित हों, लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि में योगदान दें. यह बयान साफ करता है कि सरकार इस डील को केवल आज के फायदे के रूप में नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की रणनीति के रूप में देख रही है.

ट्रंप ने टैरिफ खत्म करने के आदेश पर किए साइन 

इस अंतरिम ट्रेड डील की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ पूरी तरह खत्म कर दिया है. और इसके आदेश की कॉपी पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हस्ताक्षर भी कर दिए है.  इसके साथ ही कुल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. यह फैसला भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. खासतौर पर उन सेक्टर्स को फायदा मिलेगा जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं.

निवेश और तकनीकी सहयोग को मिलेगा बढ़ावा 

डील के तहत एयरक्राफ्ट और उससे जुड़े उपकरणों पर लगने वाली ड्यूटी को भी समाप्त कर दिया गया है. इससे भारत के एविएशन सेक्टर को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. साथ ही विमानन से जुड़े निवेश और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा. यह कदम भारत की मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी क्षमताओं को नई ऊंचाई दे सकता है.

डोनाल्ड ट्रंप ने दी जानकारी 

इस समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों से भारत के प्रयासों को लेकर विस्तृत जानकारी और सिफारिशें मिली हैं. खास तौर पर भारत की ओर से रूसी संघ से तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बंद करने की प्रतिबद्धता को अहम माना गया है. इसके अलावा भारत ने अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने और अगले 10 वर्षों में रक्षा सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा पर भी सहमति जताई है. डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि इन सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला कि भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और आर्थिक मामलों में अमेरिका के साथ तालमेल बिठाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. इसी के मद्देनज़र भारत से आयातित वस्तुओं पर लगाए गए अतिरिक्त मूल्य आधारित शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है.

कृषि हितों की सुरक्षा भी होगी सुनिश्चित

इस अंतरिम ट्रेड डील में भारत ने अपने प्रमुख कृषि हितों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की है. गेहूं, बाजरा, सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट को इस डील से अलग रखा गया है. इसके अलावा सब्जियां, मसाले और डेयरी उत्पाद भी ट्रेड डील का हिस्सा नहीं हैं. इससे साफ है कि सरकार ने किसानों और घरेलू कृषि बाजार के हितों से कोई समझौता नहीं किया है.

बताते चलें कि भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी माना जा रहा है. एक ओर जहां भारत को टैरिफ में राहत और नए बाजार मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के साथ ऊर्जा, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग और गहरा होगा. यह डील भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement

LIVE
अधिक →
अधिक →