Flydubai कॉकपिट अटैक की जांच करेगी NIA, एंटी हाइजैकिंग एक्ट में दर्ज की FIR, भारतीय पायलट स्मित ने बचाई थी जान
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर को पायलट अल हम्मामी ने लोहे के हथियार से वार किया था.
Follow Us:
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई के कॉकपिट में हुए हमले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA) भी करेगी. NIA ने इस मामले में एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और UAPA की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है.
NIA हमले के पीछे साजिश के एंगल की जांच करेगी. एंटी-हाइजैकिंग एक्ट के तहत संभावित लोन-वुल्फ आतंकी मंशा और कट्टरपंथी नेटवर्क की जांच करेगी. 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर को पायलट अल हम्मामी ने लोहे के हथियार से वार किया था.
क्या बाहर के मामलों की जांच कर सकती है NIA?
NIA की जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि हमले का संबंध भारत पर संभावित हमले से तो नहीं था. इसके साथ ही इस पॉइंट से भी जांच की जाएगी कि पूरी साजिश कैसे तैयार की गई. न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, NIA यह भी पता लगाएगी कि पूरी साजिश कैसे रची गई और इसमें और लोग भी शामिल थे क्या?
अब सवाल उठता है कि ये घटना दूसरे देश की फ्लाइट से जुड़ी है जो भारत के बाहर हुई थी. ऐसे में क्या NIA मामले की जांच कर सकती है? दरअसल, कुछ परिस्थितियों में NIA बाहरी मामलों की जांच कर सकती है.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 की धारा 1(2) को 2019 में संशोधन करने के बाद यह कानून भारत के बाहर हुए ऐसे अनुसूचित अपराधों पर भी अप्लाई होता है. इसमें भारतीय नागरिक पर हमले के खिलाफ मामले की जांज की जाएगी. कैप्टन स्मित मच्छार भारतीय हैं और यह उन पर हुए हमले से जुड़ा है.
हालांकि NIA हर तरह के बाहरी मामले की जांच NIA नहीं कर सकती है. मामले में भारत का एंगल और उसकी सुरक्षा से जुड़ा बिंदू होना जरूरी है.
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में ओमानी पायलट हम्माम अल हम्मामी ने कैप्टन स्मित पर अटैक किया था. माना जा रहा है अल हम्मामी प्लेन क्रैश करना चाहता था. हालांकि कैप्टन स्मित ने उसके वार को नाकाम करते हुए लहूलुहान हालत में कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद यात्रियों ने कॉकपिट में आकर आरोपी को दबोच लिया.
कैप्टन स्मित मच्छार को 'सर्वोच्च वीरता अवॉर्ड' से नवाजेगा इजरायल
इसी बीच इजरायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को उनकी बहादुरी के लिए इजरायल ने सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान 'प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' से नवाजेगा. वहीं, अमेरिका भी कैप्टन स्मित को प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के 'कांग्रेसनल रिकॉर्ड' में सम्मानित करेगा.
यह भी पढ़ें
भारत में इजरायली दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग की घोषणा की जानकारी साझा की. पोस्ट में लिखा गया, ‘कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और साहस ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की. स्वस्थ होने के बाद राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग उन्हें इजरायल का राष्ट्रपति नागरिक वीरता पुरस्कार प्रदान करेंगे. हम उनके जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करते हैं, धन्यवाद, कैप्टन. इजरायल आपकी बहादुरी को सलाम करता है.’