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होर्मुज पर ट्रंप की धमकी के बीच भारत आई तेल और LPG की बड़ी खेप, अमेरिका और रूस से पहुंचे जहाज
इससे पहले, 'नंदा देवी' और 'शिवालिक' जहाज भी LPG लेकर भारत आए थे. दोनों जहाज Strait of Hormuz के रास्ते आए थे. अब फिर भारत के लिए डबल गुड न्यूज आई है.
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Iran US War: मिडिल ईस्ट में भारी तनाव के बीच जहां अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए दबाव बना रहे हैं, वहीं, भारत अपनी निर्भरता कम करने के लिए कई कदम उठा रहा है. इसी का नतीजा है कि रूस से कच्चा तेल और अमेरिका से LPG लेकर जहाज भारत पहुंचे है.
दुनिया भर में सामान की सप्लाई में आ रही दिक्कतों के बीच, अमेरिका से द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लेकर एक बड़ा जहाज़ भारत के मंगलुरु बंदरगाह पर पहुंचा. रिपोर्ट के अनुसार, रूस से कच्चा तेल ले जा रहा एक अन्य जहाज भी मंगलुरु पहुंच गया है. तेल और गैस संबंधी जरूरतों को पूरा करने में यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है.
यह जहाज बंदरगाह से लगभग 18 समुद्री मील दूर स्थित था. तेल को पाइपलाइन के माध्यम से एमआरपीएल तक पहुंचाने के लिए सिंगल-पॉइंट मूरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा.
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रूस से आया यह कच्चा तेल अमेरिका की ओर से जारी किए गए अस्थायी सामान्य लाइसेंस के बाद पहुंचा है, जिससे 12 मार्च से समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल की बिक्री की परमिशन मिली है. मध्य पूर्व में तनाव के बीच वैश्विक ईंधन कीमतों को स्थिर करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने यह कदम उठाया गया है.
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अमेरिका से मिली अनुमति के बाद भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद में भारी बढ़ोतरी की है. ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति में आई बाधाओं के बाद आपूर्ति संबंधी चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से भारत ने कच्चे तेल की खरीद में बढ़ोत्तरी की है.
नंदा देवी और शिवालिक ने भारत पहुंचाई थी LPG की खेप
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इससे पहले, 'नंदा देवी' और 'शिवालिक' जहाज भी एलपीजी लेकर भारत आए थे. नंदा देवी जहाज गुजरात के वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा था और शिवालिक मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा था. दोनों जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर बेहद जोखिम भरे रास्ते से गुजरते हुए LPG लेकर आए थे. ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण समुद्री रास्ता बाधित है.
पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में कुल 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज और 611 भारतीय नाविक मौजूद हैं और डीजी शिपिंग जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के समन्वय से स्थिति पर नजर रख रहा है. अब भारत और रूस से तेल और गैस की इस बड़ी खेप को भारत के डबल गुडन्यूज माना जा रहा है.
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ईरान-US जंग के बड़े अपडेट्स
28 फरवरी को इजरायल ने अमेरिका की मदद से ईरान पर हमला किया था. इस हमले में राजधानी तेहरान समेत कई बड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया था. US-इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई भी मारे गए थे. उनके अलावा ईरानी टॉप लीडर और सेना के टॉप कमांडर भी मारे गए.
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जवाब में ईरान ने भी मिडिल ईस्ट के कई देशों से अमेरिका को निशाना बनाया. दावा है कि रविवार 22 मार्च को ईरान ने इजरायल पर बैलेस्टिक मिसाइलें दागी हैं. इस हमले में 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. इससे पहले शनिवार 21 मार्च को ईरान ने इजरायल के डिमोना और अराद पर हमला किया था. ईरान ने यह कार्रवाई ऐसे समय में की, जब ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर धमकी दी थी. ट्रंप ने कहा था, 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला गया तो ईरान के पावर प्लांट पर हमला होगा और शुरुआत बड़े प्लांट से होगी.