दिल्ली में अवैध रूप से बने आधार कार्ड पर सख्ती, LG ने दिखाया कड़ा रुख, जानिए क्या दिए निर्देश

उपराज्यपाल ने निर्देश दिए हैं कि आधार नामांकन एक संवेदनशील प्रक्रिया है. इसलिए नामांकन से पहले डेटा एकत्र करने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करना जरूरी है ताकि किसी चूक की स्थिति में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके. यदि कोई कर्मचारी लापरवाही बरतते हुए अवैध प्रवासियों के आधार नामांकन में सहयोग करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

Author
11 Jul 2025
( Updated: 08 Dec 2025
03:11 AM )
दिल्ली में अवैध रूप से बने आधार कार्ड पर सख्ती, LG ने दिखाया कड़ा रुख, जानिए क्या दिए निर्देश

दिल्ली में अवैध रूप से रहने वाले नागरिकों के पास आधार कार्ड जैसे भारतीय पहचान पत्र होने के मामलों पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बड़ा कदम उठाया है. शुक्रवार को उपराज्यपाल ने दिल्ली के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए और कहा कि अब आधार नामांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं चलेगी.

आधार कार्ड पर सख्ती

उपराज्यपाल सचिवालय ने शुक्रवार को दिल्ली के मुख्य सचिव को पत्र लिखा. उन्होंने आधार कार्ड जारी करने के लिए सख्त नियम लागू करने का अनुरोध किया. उपराज्यपाल ने नामांकन प्रक्रिया 'इन-हाउस मॉडल' पर करने को कहा है. साथ ही मुख्य सचिव से 15 जुलाई तक दिल्ली के सभी आधार नामांकन केंद्रों की सूची मांगी है.

दिल्ली एलजी ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में उपराज्यपाल सचिवालय ने लिखा, "दिल्ली सरकार के रजिस्ट्रारों की जिम्मेदारियों, खासकर फील्ड स्तर पर इंप्लीमेंटेशन, मॉनिटरिंग और वेरिफिकेशन प्रक्रियाओं की दोबारा समीक्षा की जरूरत है. उपराज्यपाल ने निर्देश दिया है कि सभी रजिस्ट्रारों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए कि वो आधार (नामांकन और अद्यतन) विनियम, 2016 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करें और दो महीने में इन-हाउस मॉडल को अपनाएं."

पत्र में लिखा, "कई मामलों में अवैध रूप से रह रहे लोगों ने गलत दस्तावेजों या तथ्यों को छिपाकर आधार कार्ड हासिल किए हैं. इसका एक दुष्प्रभाव ये है कि ऐसे व्यक्ति बाद में पासपोर्ट और मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज भी हासिल कर लेते हैं, जो नागरिकता को प्रमाणित करते हैं. इसके अलावा, वो केंद्र और राज्य सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ भी उठाते हैं. एक बार आधार कार्ड हासिल करने के बाद ये लोग नौकरियों में प्रवेश पाते हैं, जिससे स्थानीय लोगों के रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है. ये स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय है."

उपराज्यपाल सचिवालय ने मुख्य सचिव से कहा है, "यह यूआईडीएआई के 14 अक्टूबर 2022 के कार्यालय ज्ञापन से स्पष्ट है कि आधार नामांकन के लिए प्रयुक्त मशीनें और ऑपरेटर या तो संबंधित रजिस्ट्रार के नियमित कर्मचारी होने चाहिए या किसी मान्यता प्राप्त मैनपावर एजेंसी से वेतन आधार पर नियोजित किए जाने चाहिए. साथ ही, उन्हें निर्धारित प्रशिक्षण मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाना अनिवार्य है. इस संबंध में वर्तमान स्थिति की स्पष्ट जानकारी पेश की जाए."

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

यह भी पढ़ें

उपराज्यपाल ने निर्देश दिए हैं कि आधार नामांकन एक संवेदनशील प्रक्रिया है. इसलिए नामांकन से पहले डेटा एकत्र करने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करना जरूरी है ताकि किसी चूक की स्थिति में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके. यदि कोई कर्मचारी लापरवाही बरतते हुए अवैध प्रवासियों के आधार नामांकन में सहयोग करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

टिप्पणियाँ 0

Advertisement
Podcast video
Startup का सच बताकर Abhishek Kar ने दे दिया करोड़पति बनने का गुरु मंत्र!
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें