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'अगर युद्ध हुआ तो पहला आत्मघाती हमलावर मैं बनूंगा'... तालिबानी अधिकारी की पाकिस्तान को धमकी, याद दिलाया अमेरिका

Taliban: अफगान और पाकिस्तान के तनाव के बीच एक तालिबानी अधिकारी ने धमकी देते हुए कहा है कि अगर जंग हुई तो मैं पहला फिदायीन बनूंगा.

15 अगस्त 2021 में दूसरी बार तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता संभाली. अमेरिका और नाटों सेना के जाने के बाद तालिबान ने तेजी से पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया और काबुल से इस्लामिक एमिरेट ऑफ अफगानिस्तान की घोषणा कर दी. जैसे ही तालिबान सत्ता में आया तो पाकिस्तान ने बधाई दी. शायद पाकिस्तान को लगा कि धर्म का पासा फेंककर वो तालिबान को अपनी ओर खींच लेगा, और अपने स्वार्थ और नापाक इरादों को पूरा करने लिए उसकी जमीन का इस्तेमाल करेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. तालिबान ने जैसे ही सत्ता संभाली तो ऐलान कर दिया कि वो अपनी जमीन किसी दूसरे देश को इस्तेमाल नहीं करने देगा. जैसे-जैसे दिन गुजरता गया, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कुछ सरहदी इलाकों में झड़प भी होती रही, नतीजा ये रहा कि दोनों देशों के बीच खटास पैदा हो गई. और अब दोनों ही देश एक दूसरे को धमकी देते नहीं थकते. इसी बीच एक तालिबानी अधिकारी ने पाकिस्तान को खुली धमकी देते हुए कहा है कि ‘अगर पाकिस्तान से जंग हुई तो पहला सुसाइड बॉम्बर बनूंगा’.  

पाकिस्तान को सुसाइड बॉम्बर बनकर उड़ाने की दी धमकी

पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच अफगान तालिबान के एक अधिकारी ने पाकिस्तान को खुली धमकी दी है. एक मिलिट्री परेड में तालिबानी अधिकारी ने कहा कि अगर पाकिस्तान के साथ जंग होती है तो वह पहला सुसाइड बॉम्बर बनेगा. इसके साथ ही तालिबानी अधिकारी ये भी कहा कि उन्हें अमेरिका से सबक लेना चाहिए कि कैसे अमेरिका अफगानिस्तान से उल्टे पांव भागा था. आपको बता दें कि तालिबानी अधिकारी का ये बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच तनाव चल रहा है. 

अफगान और पाकिस्तान के बीच कब शुरू हुआ तनाव?

दोनों देशों के बीच तनाव की शुरुआत तब हुई थी जब पाकिस्तानी वायु सेना ने काबुल और अफ़ग़ानिस्तान के दूसरे हिस्से में हवाई हमले किए थे. ये हमले उस समय किए गए थे जब तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी भारत दौरे पर आए थे. पाकिस्तान के इस हमले के बाद ग़ुस्साए तालिबानियों ने डूरंड लाइन पार करके पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर हमला बोल दिया था. इस हमले में तालिबान ने पाकिस्तान के 59 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया. वहीं, पाकिस्तान ने 29 सैनिकों के मरने की बात कबूली थी. हालांकि, आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच कतर में तुर्की की मध्यस्थता में बातचीत भी हुई थी और 19 अक्तूबर को युद्धविराम पर सहमती बनी थी. इसके बाद आगे की बातचीत के लिए दोनों देश के प्रतिनिधि फिर से आमने-सामने आए, लेकिन इस बार कोई नतीजा नहीं निकला, फ़िलहाल दोनों देशों के बीच युद्धविराम है. 

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