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गाजियाबाद में फर्जी 'दूतावास' का भंडाफोड़, एक शख्स गिरफ्तार, खुद को बता रहा था राजदूत; STF को मिले कई चौंकाने वाले सबूत
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी हर्षवर्धन जैन खुद को "वेस्ट आर्कटिका", "सबोरगा", "पॉल्विया" और "लॉडोनिया" जैसे देशों का कौंसिल एंबेसेडर बताता था. गौर करने वाली बात यह है कि ये सभी नाम काल्पनिक या माइक्रोनेशन हैं, जिन्हें किसी भी मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय संस्था ने देश का दर्जा नहीं दिया है.
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गाजियाबाद के कविनगर से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने फर्जी "दूतावास" खोलकर खुद को काल्पनिक देशों का राजनयिक घोषित कर रखा था. नोएडा एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम ने कविनगर इलाके में छापा मारकर इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है और आरोपी हर्षवर्धन जैन को गिरफ्तार किया है.
खुद को बताता था 'काल्पनिक' देशों का एंबेसेडर
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी हर्षवर्धन जैन खुद को "वेस्ट आर्कटिका", "सबोरगा", "पॉल्विया" और "लॉडोनिया" जैसे देशों का कौंसिल एंबेसेडर बताता था. गौर करने वाली बात यह है कि ये सभी नाम काल्पनिक या माइक्रोनेशन हैं, जिन्हें किसी भी मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय संस्था ने देश का दर्जा नहीं दिया है.
क्या-क्या बरामद हुआ?
एसटीएफ टीम ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और लग्जरी सामान बरामद किया है:
• डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी चार लग्जरी गाड़ियां
• 12 फर्जी डिप्लोमैटिक पासपोर्ट (माइक्रोनेशन देशों के नाम पर)
• विदेश मंत्रालय की नकली मुहरें और दस्तावेज
• दो फर्जी पैन कार्ड
• विभिन्न देशों और कंपनियों की 34 मुहरें
• फर्जी प्रेस कार्ड
• करीब 44.7 लाख रुपये कैश
• कई देशों की विदेशी मुद्रा
• 18 डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट
हाई-प्रोफाइल कनेक्शन और पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के चंद्रास्वामी और कुख्यात इंटरनेशनल आर्म्स डीलर अदनान खगोशी से भी पूर्व में संबंध रहे हैं. इतना ही नहीं, हर्षवर्धन के खिलाफ 2011 में अवैध सैटेलाइट फोन रखने का मामला भी दर्ज है.
ठगी के लिए वीआईपी चेहरों के साथ मॉर्फ्ड तस्वीरों का इस्तेमाल
हर्षवर्धन लोगों को विदेशों में नौकरी दिलाने का झांसा देता था. इसके लिए वह प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य वीआईपी नेताओं के साथ फर्जी (मॉर्फ की गई) तस्वीरें दिखाकर खुद को भरोसेमंद बताता था. वह शेल कंपनियों के जरिए हवाला लेनदेन भी करता था.
एसटीएफ ने सौंपा स्थानीय पुलिस को
गिरफ्तारी के बाद हर्षवर्धन को कविनगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है. इस केस ने न केवल गाजियाबाद बल्कि पूरे देश को चौंका दिया है, जहां एक व्यक्ति ने इतने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर एक काल्पनिक राजनयिक दुनिया खड़ी कर ली थी.
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